देश के कई हिस्सों में आम लोगों को बिजली कटौती की समस्या से रूबरू होना पड़ सकता है क्योंकि अडाणी और टाटा के पावर प्रोजेक्ट की कई यूनिटों के बंद होने से करीब 7000 मेगावाट बिजली का उत्पादन कम हो रहा है।
इसके अलावा कोयले की कमी के चलते पहले ही कई पावर प्लांट प्रभावित हो रहे हैं। इस कारण 34 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही है।
अडाणी पावर ने गुजरात में अपने मुंद्रा प्लांट के 4620 मेगावाट क्षमता वाले छह यूनिट बंद कर दिए हैं। जबकि टाटा पावर ने तकनीकी कारणों से 4000 मेगावाट क्षमता वाले दो मुंद्रा अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट बंद कर दिए हैं।