देश ही नहीं बागपत लोकसभा क्षेत्र में भी नमो लहर की आंधी ऐसी चली कि अपने ही बेगाने हो गए। तीन विधायक और खुद एमएलसी होते हुए भी बसपा प्रत्याशी प्रशांत चौधरी अपनी जमानत भी नहीं बचा सके।
वहीं, अपनों का हाथ ऐसा छूटा कि छोटे चौधरी राजनीतिक विरासत खो बैठे। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर की पहचान के साथ अपने पैतृक जनपद बागपत से राजनीतिक करियर शुरू करने की हसरत लेकर लौटे सत्यपाल सिंह वोटरों के लिए नया चेहरा थे।