बादशाह और किंग खान कहे जाने वाले शाहरुख खान के लिए दिल्ली-यूपी के सर्किट का किला भेदना हमेशा कठिन रहा है। इस बार चुनौती और मुश्किल है क्योंकि उनकी टक्कर फिल्म बाजीराव मस्तानी से है।
ट्रेड के जानकारों का अनुमान है कि इस टकराव से शाहरुख की फिल्म का बिजनेस 30 फीसदी तक प्रभावित होगा। किंग खान के सामने उन विरोधियों का संकट भी है, जो उनके असहिष्णुता वाले बयान से नाराज हैं।
सोशल मीडिया पर भी शाहरुख की फिल्म का बहिष्कार करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, जिसे काफी जनसमर्थन भी मिल रहा है।
यहां औसत से कम कलेक्शन करती हैं किंग खान की फिल्में
बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड देखें, तो शाहरुख की फिल्मों के कलेक्शन में दिल्ली-यूपी सर्किट का योगदान औसत से कम ही रहता है। फिल्मों के देश भर के कलेक्शन में दिल्ली-यूपी जहां 20 फीसदी का योगदान देते हैं, वहीं शाहरुख की फिल्म के लिए यह 16 फीसदी तक गिर जाता है। ये आंकड़े दिलवाले के लिए चिंताजनक हैं।
इस सर्किट में शाहरुख की सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्में चेन्नई एक्सप्रेस और हैप्पी न्यू ईयर हैं। मगर इनकी कुल कमाई में इस सर्किट का औसत 20 से कम है। चेन्नई एक्सप्रेस का पूरे भारत में व्यवसाय 210 करोड़ रुपये था। इसमें दिल्ली-यूपी का हिस्सा सिर्फ 33 करोड़ रुपये (18 प्रतिशत) था।
हैप्पी न्यू ईयर के देश में 180 करोड़ रुपये के कारोबार में दिल्ली-यूपी का हिस्सा मात्र 29 करोड़ रुपये (16 प्रतिशत) था। वहीं, किंग खान के मुकाबले सलमान और आमिर की फिल्मों में दिल्ली-यूपी का शेयर औसत 20 फीसदी के बराबर होता है।
प्रभावित होगा बिजनेस
सलमान की बजरंगी भाईजान के देश में 320 करोड़ रुपये के बिजनेस में दिल्ली-यूपी की 64 करोड़ रुपये (20 फीसदी) और किक के 225 करोड़ के बिजनेस में 45 करोड़ रुपये (20 फीसदी) की हिस्सेदारी थी।
आमिर की पीके के 330 करोड़ में 66 करोड़ रुपये (20 फीसदी) और थ्री इडियट्स के 200 करोड़ में 40 करोड़ रुपये (20 फीसदी) दिल्ली-यूपी के थे।
जानकार मानते हैं कि शाहरुख के पास मास फैन फॉलोइंग कम है और नॉर्थ में सलमान की मसाला फिल्में या आमिर की यूनिवर्सल अपील वाली फिल्में ज्यादा पसंद की जाती हैं, जबकि शाहरुख रोमांटिक फिल्में करते हैं।
घाटा भी बांटेंगे शाहरुख
फिल्म दिलवाले में किसी वितरक को नुकसान हुआ, तो शाहरुख उसे भी बांटेंगे। पिछले दिनों खबर थी कि शाहरुख की फिल्म के वितरक उन पर दिलवाले की कीमत घटाने का दबाव डाल रहे हैं क्योंकि उन्होंने चार से छह महीने पहले सौदा किया था और तब सबको विश्वास था कि फिल्म का बिजनेस अच्छा रहेगा।
परंतु बाजीराव मस्तानी के साथ में रिलीज होने से समीकरण बदल गए। सूत्रों के मुताबिक इस हफ्ते अलग-अलग राज्यों से मुंबई पहुंचे वितरकों को शाहरुख ने इस बात के लिए मना लिया कि वह सौदे की रूपरेखा न बदलें। साथ ही वादा किया कि अगर किसी वितरक को उनकी फिल्म से नुकसान होता है, तो वह उसे बांटते हुए रकम की भरपाई करेंगे।