उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक महिला की बोली लगाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पूरे मामले में सबसे शर्मनाक बात यह है कि वहां पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों के खिलाफ बिना कार्रवाई करे चली गई। गांव वालों के हंगामा करने पर दोबारा पुलिस आई, तब आरोपी और ग्राहक वहां से फरार हो गए। पुलिस ने महिला को बचा लिया। एसपी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
महिला मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र की रहने वाली है। मेरठ के सरधना में उसकी ससुराल है। उसे महिला तस्करों ने अपनी जाल में फंसा लिया था। महिला थाना में उसने गुरुवार को बताया कि पति से झगड़ा होने के बाद वह दिल्ली में अपनी फूफी के घर जा रही थी। उसे फूफी का घर नहीं मिल रहा था, तभी दो लोग उसे मिले और उसकी परेशानी का कारण पूछा।
उन लोगों ने कहा कि पहले अपने घर चलो, बाद में फूफी का पता ढूंढकर वहां पहुंचा देंगे। यह वाकया 24 नवंबर का है। वह ट्रेन में उनके साथ चल दी। ये लोग बुढ़ाना के बजाय उसे शामली ले गए। वहां एक ने उसे अपने घर में रखा। इसके बाद उसे 28 नवंबर को उसकी फूफी के घर दिल्ली ले जाने के बहाने बागपत लाए। यहां निवाड़ा गांव में एक कमरे में उसे रखा गया।
महिला ने बताया कि उसे लाने वाले दो युवकों ने उससे कहा कि कोई पूछे तो कह देना कि वे उसके रिश्तेदार हैं, वरना सब पकड़े जाएंगे। इसके बाद सुबह 10 बजे से शाम तक एक-एक कर लोग उसे देखने आते रहे। उसे नहीं पता क्या हो रहा था। बाद में गांव वालों ने बताया कि उसकी बोली लगाई जा रही थी। बोली 30 हजार से 70 हजार रुपए लगी। गांव वालों ने ही पुलिस को फोन किया।
शुरू में दो सिपाही आए थे, उस समय वहां उसके साथ आए लोग (बेचने वाले) और उसे देखने आए लोग (खरीदने वाले) मौजूद थे। सिपाहियों ने उनसे कुछ नहीं कहा। चले गए। बाद में जब लोगों ने हंगामा किया तो पुलिस फिर आई। इस पर वे लोग खेतों की ओर भाग गए। महिला को थाने लाया गया।
उधर, एसपी लव कुमार ने यह मामला गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच एएसपी डा. धर्मवीर सिंह को सौंपी है। उन्होंने महिला थाना पहुंच महिला से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। एएसपी ने बताया कि उसके परिजनों को बुलाया गया है। अभी कोई तहरीर नहीं आई है।