बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से ऐसी खबर आ रही है, जिसके लिए वह जाना नहीं जाता। इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के एक एसोसिएट प्रोफेसर पर यौन प्रताड़ना का इल्जाम लगा है।
बीएचयू प्रशासन ने इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के एसोसिएट प्रोफेसर नरेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया है। उस पर इसी संस्थान की पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल छात्रा ने यौन प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
विश्वविद्यालय के महिला प्रकोष्ठ ने एसोसिएट प्रोफेसर को दोषी पाया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। बीते एक साल में आईएमएस-बीएचयू में इस तरह का यह दूसरा मामला है।
बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर ए के जोशी ने कहा, 'यह फैसला महिला प्रकोष्ठ के कुमार को एक छात्रा से यौन रूप से प्रताड़ित करने का दोषी पाने के बाद हुआ है। इस छात्रा ने करीब एक महीने पहले शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, कुमार को अभी निलंबन का आदेश देना बाकी है, लेकिन उनका केबिन सील कर दिया गया है।'
उन्होंने कहा, 'उनके केबिन में रखे कंप्यूटर और दूसरे हार्डवेयर इस मामले से जुड़ी अहम जानकारी मुहैया करा सकते हैं। कंटेंट से छेड़छाड़ की आशंका काफी थी, इसलिए केबिन सील कर दिया गया। जांच समिति मामले की आगे जांच कर रही है।'
मार्च 2012 में बाल रोग विभाग के प्रोफेसर बी डी भाटिया पर एक महिला छात्रा ने यौन शोषण का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें अनिवार्य रूप से रिटायरमेंट दे दी गई थी।