वाराणसी में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें कम नहीं हो रही है।
शहर के व्यस्ततम इलाके में रोडशो करने के कारण मंगलवार को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में उन पर मुकदमा दर्ज किया गया था। अब बेनियाबाग में हुई रैली में बने मंच की पृष्ठभूमि में महामना प. मदन मोहन मालवीय की तस्वीर के ऊपर छपे चुनाव चिन्ह झाड़ू पर बीएचयू प्रशासन ने आपत्ति जताई है।
प्रशासन ने इस संबंध में मुख्य चुनाव आयुक्त, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी को बुधवर को पत्र भेजा। मंगलवार को हुई रैली में ही अरविंद केजरीवाल ने नरेंद्र मोदी के खिलाफ वारणासी से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थी।
मंच पर लगा था महामना का चित्र
आम आदमी पार्टी की इस रैली में मंच पर महामना मदन मोहन मालवीय की तस्वीर लगाई गई थी। तस्वीर के ऊपर आम आदमी पार्टी का चुनाव चिन्ह झाड़ू छपा था। बीएचयू प्रशासन ने आप की इस तस्वीर पर सख्त नाराजगी जताई।
प्रशासन ने पं. मदन मोहन मालवीय के चित्र के ऊपर चुनाव चिह्न झाड़ू छापने पर आम आदमी पार्टी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कुलपति डॉ. लालजी सिंह के निर्देश पर सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी राजेश सिंह ने इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी को बुधवर को पत्र भेजा।
गौरतलब है कि पं. मदन मोहन मालवीय ने 1916 में बीएचयू की स्थापना की थी।
बुधवार को भी केजरी ने किया रोडशो
आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को भी वाराणसी में रोड-शो किया। इस दौरान उन्होंने कुल तीन सभाएं कीं।
करधना में उन्होंने गुजरात में किसानों की आत्महत्या का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मोदी सरकार आई तो आपकी जमीन बिक जाएगी। चितईपुर में कहा कि किसी को भी वोट दो बस मोदी को नहीं।
मलदहिया की मलिन बस्ती में हुई सभा में केजरीवाल ने कहा कि मैला ढोने की प्रथा खत्म की जाएगी व सभी को स्थायी किया जाएगा। रोड शो में केजरीवाल के साथ उनकी पत्नी सुनीता दोनों बच्चों हर्षिता, पुलकित और आप नेता गोपाल राय भी थे। सुनीता ने इस दौरान औरतों से मुलाकात कीं और उनकी समस्याएं जानी।
आचार संहिता के उल्लंघन में फंसे केजरीवाल
वहीं, शहर की कोतवाली पुलिस ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन के मामले में मंगलवार की देर रात केजरीवाल पर मुकदमा दर्ज कर लिया। उन पर बिना अनुमति के चुनाव प्रचार करने और काफिले में निर्धारित संख्या से अधिक वाहन लेकर चलने का आरोप है।
केजरीवाल मंगलवार को काल भैरव मंदिर और विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने गए थे। उनके समर्थकों ने जिला प्रशासन से 10 वाहनों को ले जाने की अनुमति ली थी लेकिन काफिले में 17 से ज्यादा गाड़ियां थीं।
काल भैरव मंदिर में दर्शन करने के बाद उन्होंने चुनाव प्रचार करना शुरू कर दिया। प्रशासन ने इसकी वीडियो रिकार्डिंग कराई थी। इस पर इंस्पेक्टर कोतवाली सतीश सिन्हा ने केजरीवाल के खिलाफ आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में धारा 171 एच के तहत मुकदमा दर्ज कराया।