फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्रुखाबाद में भाकियू के लठैत करेंगे केजरीवाल की सुरक्षा

Mon, 22 Oct 2012 08:57 AM IST
फर्रुखाबाद/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
इंडिया अगेंस्ट करप्शन के प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल के एक नवंबर को फर्रुखाबाद आमगन पर सुरक्षा की जिम्मेदारी भारतीय किसान यूनियन के लठैत कार्यकर्ता संभालेंगे। ये लठैत केजरीवाल के आसपास और सभा के भीतर लोगों के बीच मौजूद रहेंगे। इसके लिए भारतीय किसान यूनियन के दोनों गुट (हरपाल एवं टिकैत गुट) एक राय हैं। दोनों गुट केजरीवाल की सुरक्षा के मुद्दे पर एक साथ रहेंगे। इतना ही नहीं एक नवंबर को होने वाली सभा के लिए बनी कोर कमेटी में भी दोनों गुटों के जिलाध्यक्षों को शामिल किया गया है। लठैतों को सुरक्षा की ट्रेनिंग दी जा रही है।
विज्ञापन


भारतीय किसान यूनियन हरपाल गुट के जिलाध्यक्ष रामबहादुर राजपूत और जिला महासचिव संजय सिंह गंगवार ने बताया कि केजरीवाल की सुरक्षा को लेकर यूनियन ने पुख्ता रणनीति बनाई है। यूनियन कांग्रेस की हर चाल का करारा जबाव देगी। केजरीवाल के जिले में आते ही यूनियन के लठैत कार्यकर्ता सुरक्षा में लग जाएंगे। इन कार्यकर्ताओं को चिह्नित कर लिया गया है। केजरीवाल जहां भी जाएंगे, लठैत उनके साथ रहेंगे। केजरीवाल के जिले की सीमा में प्रवेश करने से लेकर उनके जाने तक सुरक्षा का पूरा जिम्मा उठाया जाएगा।

इसी तरह भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष अरविंद शाक्य ने कहा है कि यूनियन की बैठक में तय हो चुका है कि अरविंद केजरीवाल पर आने वाले हर संकट से लड़ने के लिए यूनियन के लठैत तैयार रहेंगे। यदि केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद अथवा उनके समर्थकों ने किसी तरह की मनमानी करने की कोशिश की तो उसका उन्हीं की शैली में जवाब दिया जाएगा।
विज्ञापन


जिलाध्यक्ष अरविंद शाक्य ने कहा कि उन्होंने इसकी जिम्मेदारी यूनियन के कायमगंज प्रभारी मुन्ना लाला सक्सेना को सौंपी हैं। उन्होंने रविवार को लठैतों की बाकायदा लिस्ट तैयार की और उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है। ये लठैत केजरीवाल के चारों तरफ मौजूद रहने के साथ ही सभा के अंदर भी मौजूद रहेंगे।

टिकैत गुट के महासचिव लक्ष्मीशंकर जोशी ने कहा कि केजरीवाल गांधीवादी हैं। वह फर्रुखाबाद आकर मार खाने को भी तैयार हैं, लेकिन भारतीय किसान यूनियन ऐसा नहीं होने देगी। यूनियन के करीब 200 लठैतों को बाकायदा सुरक्षा की ट्रेनिंग दी जा रही है। 
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें