ब्रजघाट और डासना टोल के फ्री होने के बाद अब बारी बिजनौर के बैराज टोल और सहारनपुर के सरसावा टोल की है। भारतीय किसान यूनियन ने इन दोनों टोल पर मंगलवार को कब्जा करने की घोषणा कर रखी है। वहीं दूसरी ओर टोल फ्री इंडिया और डेरा डालो, घेरा डालो आंदोलन में जुटी भाकियू मेरठ और गाजियाबाद के बाद अब नोएडा-दिल्ली कूच करने की तैयारी में है।
सोमवार को डासना टोल आंदोलन में पहुंचे भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने टोल, बिजली, गैस, जमीन अधिग्रहण को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि किसान धीमे-धीमे दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। सात दिसंबर को किसान नोएडा के डीएनडी टोल को घेरेंगे, फिर जेपी ग्रुप की साइट्स के साथ गुड़गांव टोल पर कब्जा करेंगे। बैराज टोल, सरसावा टोल के बाद जोया और 7 दिसंबर को नोएडा के डीएनडी टोल का नंबर आएगा।
सिवाया टोल पर भाकियू ने रोकी रोडवेज बसें
सिवाया टोल प्लाजा पर धरने के 34वें दिन भाकियू कार्यकर्ताओं ने रोडवेज बसों को रोका। उनका कहना था कि टोल फ्री होने के बाद भी परिवहन निगम ने बसों के किराए में कमी नहीं की है। आरएम के आश्वासन के बाद ही कार्यकर्ताओं ने बसों को जाने दिया। सोमवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत गढ़ और गाजियाबाद के डासना टोल का जायजा लेने वहां गए थे। सिवाया टोल प्लाजा पर चंद्रपाल फौजी के नेतृत्व में किसानों ने रोडवेज बसों को रोका। भाकियू कार्यकर्ताओं का कहना था कि पिछले 34 दिनों से सिवाया टोल प्लाजा टोल फ्री है, लेकिन रोडवेज अफसरों ने बसों के किराए में कमी नहीं की है। आरएम के आश्वासन के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने बसों को जाने दिया।
'बात नहीं मानी तो एनएचएआई मुख्यालय घेरेंगे'
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने रणनीति का खुलासा करते हुए ऐलान किया है कि मंगलवार को बिजनौर और सहारनपुर के सरसावा टोल पर कब्जा करेंगे। सात दिसंबर को नोएडा के डीएनडी टोल पर कब्जा होगा। फिर भी मांगें नहीं मानी गईं तो किसान एनएचएआई मुख्यालय घेरेंगे।
टोल कंपनी ने प्रशासन से मांगा हर्जाना
वेस्टर्न यूपी टोल वे कंपनी रोजाना प्रशासन को नुकसान का ब्योरा भेज रही है। इसमें अनुबंध की शर्तों के हिसाब से हर्जाने की भरपाई की मांग की है। जिलाधिकारी को लिखे पत्र में कंपनी ने दो दिसंबर की सुबह तक दस करोड़ 40 लाख आठ हजार 90 रुपये का नुकसान होना बताया है।