उत्तर प्रदेश के होनहारों ने एक बार फिर साबित किया है कि उनपर देश को क्यों नाज है।
फर्रुखाबाद के रेलवे रोड स्थित पल्ला मोहल्ला निवासी रेनू खटोर ने अमेरिका में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
वह ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी प्रमुख के बाद अब फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ यूएस डालास की डिप्टी चेयरमैन बन गई हैं। इन दिनों वह दिल्ली आई हैं। यहां से उनका पूरा परिवार भी दिल्ली चला गया है।
बचपन से ही मेधावी
फर्रुखाबाद के पल्ला मोहल्ला निवासी अधिवक्ता सतीशचंद्र माहेश्वरी एवं स्वर्णलता माहेश्वरी की बेटी रेनू खरोट बचपन से ही मेधावी रहीं।
इनके भाई राजन माहेश्वरी इनकम टैक्स अधिवक्ता हैं तो दूसरी बहन रीता का परिवार जयपुर में रहता है।
बच्चे ही नहीं पति का भी सहारा बन गई तारा
भाई राजन माहेश्वरी ने अमर उजाला को बताया कि रेनू ने सिर्फ परिवार ही नहीं बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
रेनू के अमेरिका और उनकी बहन रीता के जयपुर जाने के बाद पिता के पुश्तैनी मकान में भाई राजन माहेश्वरी का परिवार मां स्वर्णलता के साथ रह रहा है।
इन दिनों रेनू दिल्ली आई हुई हैं। इसकी जानकारी मिलते ही पूरा परिवार दिल्ली चला गया।
कुछ समय पहले परिवार में हुए शादी समारोह में रेनू ने हिस्सा लिया था। तब वह अपने परिवार के साथ ही पड़ोसियों से भी मिल जुल कर गई थीं। उनके इस व्यवहार से पड़ोसी भी गदगद हैं।
रेनू के भाई राजन की मानें तो अमेरिका में रहने के बाद भी रेनू को अपने मुल्क से गहरा लगाव है। यही वजह है कि उन्हें जब भी मौका मिलता है भारत आकर पूरे परिवार से मिलजुल कर वापस लौटती हैं।
पढ़ाई
29 जून 1955 में पैदा हुई रेनू ने फर्रुखाबाद शहर के मिशन स्कूल से पढ़ाई शुरू की। इसके बाद शहर स्थित एनएकेपी महाविद्यालय से 1973 में स्नातक किया।
स्नातक की पढ़ाई पूरी होते ही 1974 में उनका विवाह शिक्षाविद सुरेश खटोर के साथ हो गया। विवाह के बाद वह पति के साथ यूएसए चली गई।
वहीं से 1975 में पुर्डू विश्वविद्यलाय से राजनीति शास्त्र में एमए किया और फिर वहीं से राजनीतिशास्त्र लोकप्रशासन में पीएचडी की। उनकी दो बेटियां पूजा और पारुल हैं।
अब रेनू खटोर ह्यूस्टन विश्वविद्यालय की प्रमुख बन गई हैं। इस पद को हासिल करनी वाली वह पहली भारतवंशी महिला हैं।
इसके साथ ही उन्हें जनवरी 2014 से यूएस फेडरल रिजर्व बैंक आफ डालास की डिप्टी चेयरमैन नामित किया गया है।