अमर उजाला का अभियान ‘बेटी ही बचाएगी’ एक अनूठी पहल है। बेटियां देश की धरोहर हैं। इन्हें आगे बढ़ाना होगा। ये कहना है मेरठ की शफक और फलक नाज का, जो टीवी स्क्रीन पर अपने अभिनय का जादू बिखेर रही हैं।
ये दोनों बहनें सोमवार को अपने मामा जावेद के रिसेप्शन में आई थीं। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत कर अपने अनुभव साझा किए।
स्टार प्लस की ‘महाभारत’ में कुंती का किरदार निभा रही शफक बताती हैं कि बचपन से चुलबुली रही हूं। शूटिंग के बाद सेट पर जमकर मस्ती करती हूं। इससे सारी थकान भी मिट जाती है।
गुजरात मुंबई के बॉर्डर पर उमर गांव में शूटिंग से मेरठ पहुंची शफक बताती हैं कि नई महाभारत को लोग पसंद कर रहे हैं।
आप भी इस अभियान का हिस्सा बने और बेटी के हक में शपथ लें
जहां जाती हूं लोग कुंती कहकर बुलाते हैं। 2010 में स्टार प्लस के ‘विदाई’ सीरियल से कैरियर की शुरुआत करने वाली मेरठी छोरी शफक ने जीटीवी के सीरियल ‘संस्कार भारती, सोनी के सीरियल ‘शुभ विवाह’ समेत क्राइम पेट्रोल, सावधान इंडिया के कई एपिसोड में अभिनय किया है।
संवादों में संस्कृत के लिए कुछ स्पेशल क्लासेज लेने वाली कुंती को अब डायलाग बोलने में कोई दिक्कत नहीं होती।
स्टार प्लस के सीरियल ‘ससुराल सिमर का’ में जानवी का किरदार निभा रही फलक नाज बताती हैं कि आधा दर्जन से ज्यादा सीरियल्स में काम कर चुकी हूं। इस सीरियल में भी आठ महीने से जानवी का किरदार निभा रही हूं।
अब लीड रोल में नजर आने की तैयारी चल रही है। 2010 में स्टार प्लस के सीरियल ‘तेरे मेरे सपने’ से शुरुआत करने वाली फलक बताती हैं कि अमर उजाला के अभियान ‘बेटी ही बचाएगी’ अच्छी पहल है।
बेटियों का आगे बढ़ाकर ही समाज आगे बढ़ सकता है। सबसे पहले परिवार को बेटियों का हर तरह से साथ देना चाहिए। नॉनवेज की शौकीन फलक ने बताया कि उन्होंने इमेजिन के सीरियल ‘गुनाहों का देवता’ कलर्स के सीरियल ‘लागी तुझसे लगन’, सोनी के ‘देखा है एक ख्वाब’, स्टार प्लस के खामोशियां’ समेत क्राइम पेट्रोल, सावधान इंडिया के कई एपिसोड में अभिनय किया है।
फलक और शफक की मां कह कशा फैसी का कहना है कि ‘बेटी ही बचाएगी’ अभियान अच्छी पहल है। मैंने भी अपनी बेटियों को आगे बढ़ने के लिए मेरठ छोड़ दिया। कह कशा फैसी बताती हैं कि मेरी बेटियों का सपना था, जो मैं पूरा कर रही हूं। इसके लिए मैंने मुंबई का रुख किया और आज मेरी बेटियों ने मेरा और मेरठ का नाम रोशन किया है।
राजस्थान के कोटा जिले में पैदा हुई और मेरठ में ननिहाल में रही दोनों बहनें बताती हैं कि सरोज खान की डांस एकेडमी से ही मुंबइया राह खुली। सरोज खान ने डांस करते देखकर मां कह कशा फैसी से उन्हें मुंबई में सीरियल में काम कराने की सलाह दी। इसके बाद करीब चार साल पहले मां कह कशा फैसी दोनों बेटियों के साथ मुंबई पहुंची और यहीं से उन्हें सीरियल के लिए ट्राई शुरू किया।