वकील श्रीकांत शिवड़े ने बुधवार को पूरी कोशिश की कि सलमान खान द्वारा किए जा रहे समाजसेवा के कामों का हवाला देकर उन्हें सजा से पूरी तरह बचा लें।
उन्होंने यह भी प्रयास किया कि अगर ऐसा न हो सके तो सलमान को तीन साल से कम की सजा हो, जिससे उन्हें तत्काल जमानत दिलाई जा सके। परंतु ऐसा नहीं हुआ।
न्यायाधीश डीडब्ल्यू देशपांडे द्वारा इस ऐक्टर को सभी आरोपों का दोषी बताए जाने के बाद हुई जिरह में शिवड़े ने कहा कि सलमान के मानवीय पक्ष पर गौर किया जाना चाहिए।
इस हिट एंड रन केस के बाद उनके व्यक्तित्व में बड़ा बदलाव आया है और 2003 से वह बड़े सामाजिक काम कर रहे हैं, जिसके लिए उन्होंने बीइंग ह्यूमन जैसे संगठन की स्थापना की है।
लाखों की मदद की है बीइंग ह्यूमन ने
उन्होंने बताया कि यह संगठन बच्चों के स्वास्थ और शिक्षा समेत तमाम लोगों की बीमारियों और मुश्किल घड़ी में आर्थिक मदद करता है।
कोर्ट को बताया गया कि अभी तक सलमान बीइंग ह्यूमन के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य, हार्ट सर्जरियों और शिक्षा पर करीब 42 करोड़ रुपये खर्च कर चुके हैं।
बीइंग ह्यूमन ने अभी तक 600 बच्चों की हार्ट सर्जरी कराई है और असंख्य लोगों की मदद की है। सलमान के वकील ने कहा कि इन तमाम कामों को देखते हुए नरमी बरती जाए। सजा कम दी जाए।
वकील ने मांग की कि सलमान को तीन साल से ज्यादा की सजा नहीं दी जाए। वैसे शिवड़े ने आश्चर्य प्रकट किया कि किसी कार एक्सींडेट को लेकर ऐसा फैसला पहले नहीं आया, जिसमें पुलिस द्वारा लगाई गई सारी धाराएं सच साबित हुई हों।
उन्होंने कहा कि कोर्ट के कहने पर सलमान पीड़ितों को अब तक 19 लाख रुपये का मुआवजा भी दे चुके हैं। अगर आदेश होगा तो और भी मुआवजा दे सकते हैं।
बीमारी का हवाला भी नहीं बचा सका
उन्होंने कहा कि घटना के बाद सलमान में जो बदलाव आया है, उस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। एक व्यक्ति को अच्छा बनने का मौका दिया जाना चाहिए।
आज सलमान समाज के लिए जीवन जी रहे हैं। उन्होंने सलमान की बीमारी का हवाला भी देना चाहा, परंतु सलमान ने उन्हें रोक दिया। वकील ने कहा कि अगर सलमान जेल जाते हैं तो वह समाजसेवा नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सलमान को एक ऐक्टर के तौर पर यह सामाजिक संदेश देने के लिए सजा नहीं दी जानी चाहिए कि कानून से ऊपर कोई नहीं। बाद में सलमान के वकीलों ने अदालत में उनकी बीमारी का मेडिकल सेर्टिफिकेट जमा कराया ताकि उन्हें कम सजा दी जाए।
सरकारी वकील प्रदीप घरात ने बचाव पक्ष के दावों को गलत बताया और कहा कि सलमान बड़े ऐक्टर हैं और बच्चे तथा अन्य लोग उन्हें अपना आदर्श मानते हैं।
सबको यह जानना चाहिए कि समाज में कानून सबके लिए बराबर है। उन्होंने कहा कि मुआवजा देकर किसी की मौत को कम करके नहीं आंका जा सकता। उन्होंने न्यायाधीश से सलमान के लिए अधिकतम दस साल कैद की सजा की मांग की।