फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचायत का हुक्म, काट दो रिश्तेदारों के सिर

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम पंचायतें अपने तुगलकी फरमानों को लेकर हमेशा विवादों में रहती हैं। एक बार फिर ऐसा ही फरमान सामने आया है जिसमें पंचायत ने शातिर अपराधी के रिश्तेदारों के सिर कलम करने के हुक्म दिया है। पंचायत के फरमान के बाद रिश्तेदारों ने पुलिस की शरण ली है और सुरक्षा की मांग की है।
विज्ञापन


यह मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का है जहां गांव के पंचायत ने एक पेशेवर कातिल मुसाहिद के रिश्तेदारों की गर्दन काटने का हुक्म दिया है। इस शातिर अपराधी की अगस्त महीने में बागपत के निवादा गांव में हत्या कर दी गई थी। पंचायत के फरमान से डरे हुए रिश्तेदारों ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
विज्ञापन

पंचायत ने किया खारिज

नाग्ला रियावली पंचायत ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर यह फैसला किया कि पेशेवर अपराधी मुसाहिद के रिश्तेदारों की गर्दन काट दी जाए जिसके बाद मुसाहिद के रिश्तेदारों सहायक पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्रा से मिलकर पूरी घटना से अवगत कराया और उन्हें पंचायत के फैसले के बारे में भी बताया। रिश्तेदारों ने पुलिस के अपने सुरक्षा की मांग भी की जिसके बाद मिश्रा ने उनको ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।

हालांकि, गांव के एक बुजुर्ग नन्हें खान ने ऐसे किसी भी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'यहां कोई पंचायत नहीं है, केवल एक ग्राम सभा है जिसके सदस्यों ने मुसाहिद के रिश्तेदारों के साथ कैसे समझौता किया जाए उसके लिए चर्चा की गई थी। मुसाहिद एक पेशेवर हत्यारा था और उसके रिश्तेदार भी उतने ही खतरनाक हैं।' उन्होंने बताया कि इस बैठक में खुनखराबा होने से रोकने पर चर्चा की गई थी। क्योंकि मुसाहिद की हत्या के बाद उसके रिश्तेदार पलटवार जरूर करेंगे। उन्होंने रिश्तेदारों का पुलिस के पास जाना शर्मनाक बताया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें