लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, सियासी सरगर्मियां भी तेजी से बदल रही है। साथ ही सियासी पार्टियां वोटरों को लुभाने के लिए अपनी रणनीति में भी बदलाव कर रही हैं। खासतौर से कांग्रेस ने चुनाव से ठीक पहले वोटरों को लुभाने के लिए खास तैयारी की है।
इसका पता कांग्रेस की ओर से जारी नए विज्ञापनों को देखकर लगाया जा सकता है। जिसमें पार्टी ने विकास और लोगों के बीच लोक-लुभावन वादे पेश करके उन्हें अपनी ओर खींचने की योजना बनाई है।
अब तक कांग्रेस के विज्ञापनों में कहीं ना कहीं बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा जा रहा था। पार्टी मोदी की कट्टर छवि पर निशाना साधने में जुटी हुई थी। इसके लिए उसने चुनावी नारा दिया 'कट्टर सोच नहीं, युवा जोश'। इस नारे से कांग्रेस ने मोदी पर सीधा हमला किया।
लेकिन जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहे हैं, कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। पार्टी ने अपने नए विज्ञापनों में जनता को लुभाने के लिए वायदों का पिटारा खोला है। जिससे वह जनता के बीच विकास का मुद्दा बुलंद कर सके।
हालांकि बीजेपी ने कांग्रेस की नई रणनीति पर निशाना साधा है। पार्टी ने कांग्रेस के विज्ञापनों में नजर आ रहे वादों पर सवाल खड़े किए हैं। बीजेपी का कहना है कि देश की जनता को ऐसे झूठे वादे नहीं चाहिए। साथ ही पार्टी ने यूपीए-2 के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी कांग्रेस पर निशाना साधा है।