राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने यह साफ कर दिया है कि विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया में बीएड के भी अंक जोड़े जाएंगे। विशिष्ट बीटीसी खासकर बीएड वालों के लिए है, इसलिए इसका अंक जोड़ना अनिवार्य है।
एससीईआरटी ने बुधवार को इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव में पुराने पैटर्न यानी हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड के प्राप्तांकों को सीधे जोड़कर मेरिट बनाने का भी सुझाव दिया गया है। इसमें कहा गया है कि गुणांक के आधार पर भी मेरिट का निर्धारण किया जा सकता है।
प्रदेश में 72 हजार 825 विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए चयन प्रक्रिया शुरू की जानी है। शासन को इसके लिए शासनादेश जारी करना है। शासन स्तर पर पूर्व में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड के अंकों को गुणांक के आधार पर जोड़ते हुए मेरिट बनाने पर सहमति बनी थी, लेकिन बेसिक शिक्षा मंत्री ने इस पर संशोधित प्रस्ताव एससीईआरटी से मांग लिया। इसमें पूछा गया कि विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया में बीएड के अंकों को जोड़ना कहां तक उचित होगा।
सूत्रों का कहना है कि एससीईआरटी ने बुधवार को संशोधित प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसमें सुझाव दिया गया है कि पूर्व की तरह इस बार भी विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया पूरी की जाए। पूर्व में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड के प्राप्तांकों को सीधे जोड़कर मेरिट बनाई जाती रही है। इसी तरह इस बार भी मेरिट बनाई जा सकती है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि गुणांक के आधार पर मेरिट बनाई जा सकती है। एससीईआरटी के प्रस्ताव पर अब शासन को अंतिम निर्णय करना है।