सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बब्बर खालसा के आतंकी जगतार सिंह हवारा की ओर से पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या मामले में दायर अपील पर सीबीआई से जवाब मांगा है।
इस हत्याकांड में हवारा को निचली अदालत ने फांसी और हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी ने हाईकोर्ट के आदेश को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी है।
जस्टिस बीएस चौहान व जस्टिस एसए बोबडे की पीठ ने हवारा की ओर से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 12 अक्तूबर, 2010 के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर केंद्रीय एजेंसी को नोटिस जारी किया है।
हाईकोर्ट ने हवारा को निचली अदालत से मिली मौत की सजा को कम करके उम्रकैद में तब्दील कर दिया था। हालांकि हाईकोर्ट ने फैसले में उम्रकैद को उसकी मौत तक बरकरार रखने का आदेश दिया है।
वहीं, सीबीआई ने हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ 5 दिसंबर, 2011 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। एजेंसी की ओर से उसके अपराध को दुलर्भतम श्रेणी का करार देते हुए मौत की सजा की मांग की गई है।
एजेंसी ने हुए कहा है कि हवारा का अपराध बहुत ही गंभीर किस्म का है, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री सहित 17 लोगों की जान चली गई और 15 लोग घायल हो गए।
याद रहे कि हाईकोर्ट ने ट्रायल की ओर से अन्य आरोपी बलवंत सिंह को दी गई मौत की सजा को बरकरार रखा था, जबकि तीन अन्य शमशेर सिंह, गुरमीत सिंह और लखविंदर सिंह की उम्रकैद की सजा को जारी रखा था।