बटला हाउस एनकाउंटर में शहीद हुए पुलिस इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा के परिवार ने अदालत के फैसले पर संतोष जताया है।
शर्मा की पत्नी माया शर्मा ने कहा कि अदालत के फैसले से उनके पति की शहादत सही सिद्ध हो गई है और इस एनकाउंटर पर शक जाहिर करने वाले राजनेता गलत साबित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्ष से कुछ राजनेता अपने फायदे के लिए इसे फर्जी मुठभेड़ बता रहे थे जिससे उन्हें और उनके परिवार को बहुत कष्ट पहुंचता था। लेकिन अब साफ हो गया है कि मुठभेड़ फर्जी नहीं थी।
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कैसे हुआ एनकाउंटर
दिल्ली सीरियल ब्लास्ट की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 19 सितंबर, 2008 को दिल्ली के जामिया नगर इलाके के बटला हाउस में स्थित मकान नंबर एल-18 में दबिश दी। यहां हुई मुठभेड़ में पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकियों आतिफ अमीन और साजिद को मार गिराया।
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एक आतंकी मोहम्मद सैफ को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि दो आतंकी आरिफ खान उर्फ जुनैद और शहजाद फरार हो गए।
मुठभेड़ में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए। बाद में शहजाद को गिरफ्तार कर लिया गया।