बटला हाउस मुठभेड़ को फर्जी बताने वाले कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह अदालत का फैसला आने के बाद भी अपने रूख पर कायम हैं। दिग्विजय ने साफ किया कि वे इस मामले में दिए गए अपने बयान पर माफी नहीं मांगेगे।
जनवरी, 2012 में दिग्विजय सिंह ने दावा किया था कि यह एनकाउंटर फर्जी है। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच की भी मांग की थी।
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हालांकि तत्कालीन गृहमंत्री पी चिदंबरम ने उनकी मांग को नकार दिया था। चिदंबरम ने कहा था कि मुठभेड़ असली है और यह मामला दोबारा खोलने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस ने भी दिग्विजय की इस टिप्पणी से खुद को अलग कर लिया था।
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इधर कोर्ट का फैसला आने के बाद पी चिदंबरम ने भी राहत की सांस ली। उन्होंने कहा, 'इस बात से संतोष महसूस कर रहा हूं कि यह एनकाउंटर असली था।
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कोर्ट का फैसला आने के बाद पार्टी के मत को बताते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह निर्णय सभी को सर्वमान्य होना चाहिए। इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।
सिंघवी ने कहा कि जब भी फर्जी मुठभेड़ की बात उठी। पार्टी ने हमेशा से इस बात की निंदा की। पार्टी का कभी दोहरा रुख नहीं रहा।
वहीं दिग्विजय सिंह के बयान पर पार्टी ने सफाई दी कि जब ऐसी कोई घटना घटती है तो उस वक्त माहौल मे अमुक व्यक्ति कुछ कह सकता है। उसे पार्टी की लाइन कहना गलता होगा और इस पर राजनीति करना भी गलत होगा।
सिंघवी ने कहा कि इस मसले पर बहस हो सकती है। मगर किसी व्यक्तिगत विचार के आधार राजनीति करना ठीक नहीं है।
इधर भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा है कि दिग्विजय को अपने बयान पर
माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने अपने बयान से देश को गुमराह किया है।