पश्चिम बंगाल के बरासत में हफ्ते भर पहले एक कॉलेज छात्र से दुष्कर्म के बाद हुई हत्या के मामले में पीड़िता के परिजनों से सोमवार को मुलाकात करने पहुंचीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।
इस पर भड़की ममता ने इस मामले और उग्र प्रदर्शन के पीछे अपनी प्रतिद्वंद्वी माकपा पर आरोप मढ़ दिया।
हालांकि, इस दौरान उन्होंने लोगों का गुस्सा शांत करने की कोशिश की और लोगों को मामले के दोषियों को जल्द सजा दिलाने का भरोसा दिलाया।
रास्ता खराब होने के चलते अपनी कार के बजाय बाइक पर सवार होकर यहां पहुंचीं ममता ने पीड़िता के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।
यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘यह घटना वाकई में काफी दर्दनाक और खौफनाक थी। मैं वादा करती हूं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हम सात-आठ दिनों के भीतर आरोपपत्र दायर करेंगे और दोषियों को एक महीने में ही सजा दिलाने का प्रयास करेंगे। हमारी सरकार दोषियों की मौत की सजा के लिए याचिका भी दायर करेगी।’
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने उत्तरी बंगाल के बालुरघाट मामले में दोषियों को 27 दिनों के भीतर सजा दिलाकर देश में मिसाल कायम की है।
सवाल-जवाब के दौरान जब ममता पर इस घटना पर माकपा की तरह राजनीति करने का आरोप लगा तो वह अपना आपा खो बैठीं।
उन्होंने मामले के पीछे माकपा कार्यकर्ता का हाथ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास राजनीति करने के लिए और भी कई मसले हैं।
ममता के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए माकपा के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि इस मामले से साफ है कि राज्य में कानून और व्यवस्था के स्तर में लगातार गिरावट आ रही है।