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हिमाचलः 20 हजार युवाओं को बैंक में मिलेगी नौकरी

Sat, 01 Dec 2012 08:26 AM IST
शिमला/ब्यूरो
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केंद्र सरकार की कैश सब्सिडी स्कीम के तहत हिमाचल में करीब 20 हजार युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। राष्ट्रीयकृत बैंक अगले तीन साल के भीतर डायरेक्ट कैश ट्रांसफर के भुगतान के लिए राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 19,852 बिजनेस कॉरेसपोंडेंट रखेंगे। ये कॉरेसपोंडेंट राज्य के उन 20,017 गांवों को कवर करेंगे, जहां बैंक शाखा नहीं है। इसके लिए बैंकों को गांवों का वितरण हो गया है। इस वितरण के हिसाब से पीएनबी, एसबीआई, यूको बैंक और हिमाचल ग्रामीण बैंक में सबसे ज्यादा भर्तियां होंगी।
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बैंक का बिजनेस कॉरेसपोंडेंट हर दो सप्ताह में एक बार एक गांव का दौरा अवश्य करेगा। उसके हाथ में टिकटिंग मशीन की तरह की एक मशीन होगी, जो आधार नंबर के आधार पर खाताधारक की पहचान कर सब्सिडी का भुगतान मौके पर करेगी। भुगतान की राशि के आधार पर कमीशन बिजनेस कॉरेसपोंडेंट को दिया जाएगा।

कॉरेसपोंडेंट के लिए हिमाचल का मूल निवासी होना जरूरी होगा। राज्य बैंकर्स समिति ने सिफारिश की है कि सरकार लोकमित्र केंद्रों को इस काम में प्राथमिकता दें, ताकि इनका बिजनेस भी बढ़े। इस पर अब सरकार को फैसला लेना है। बैंक सर्विस प्रोवाइडर एमओयू के आधार पर भी यह काम दे सकते हैं।
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बिना बैंक शाखा वाले 20,017 गांवों में से सबसे ज्यादा 6247 पीएनबी को, 3864 एसबीआई को, 3068 यूको बैंक को, 3440 पीएनबी वित्त पोषित हिमाचल ग्रामीण बैंक को, 1348 स्टेट बैंक आफ पटियाला को और 569 एसबीआई वित्त पोषित पर्वतीय ग्रामीण बैंक को दिए गए हैं। अन्य को अपनी बैंक शाखाओं की कवरेज के अनुपात में गांव मिले हैं। इसी अनुपात में बैंक लोग नियुक्त करेंगे। सभी बैंक अगले तीन साल में 165 नई शाखाएं भी खोलेंगे।

सहकारी बैंक को झटका
हिमाचल सहकारी बैंक को केंद्र सरकार ने इस स्कीम से बाहर कर दिया है। यानी इस बैंक के खातों में सब्सिडी का पैसा नहीं आएगा। कमजोर कोर बैंकिंग सोल्यूशन (सीबीएस) सिस्टम के कारण ऐसा हुआ। अन्य सहकारी बैंक भी इस स्कीम में नहीं लिए गए हैं। हालांकि बैंकर्स समिति के पदाधिकारी बी. वैंकट रमना कहते हैं कि सहकारी बैंक को पहले इसमें रखा गया था, लेकिन केंद्र सरकार और आरबीआई के निर्देश पर इसे हटाया गया है। समिति दोबारा से प्रस्ताव भेज रही है कि सहकारी बैंक पर पुनर्विचार किया जाए।
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