मरीज तक दिल पहुंचाने के लिए बंगलूरू ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन कारिडोर बनाकर एक व्यक्ति को नया जीवन दिया।
बंगलूरू में मृत महिला के दिल की जरूरत चेन्नई स्थित अस्पताल में एक मरीज को थी और एयरपोर्ट तक पुलिस ने ट्रैफिक को ग्रीन कॉरिडोर बना दिया।
विदेशों में अंग प्रत्यारोपित करने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाता है जहां पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह से एंबुलेंस के लिए मददगार बना देती है। इससे पहले चेन्नई में इस प्रकार की कोशिश की जा चुकी है।
बीजीएस अस्पताल में ब्रेन हैमरेज से एक महिला की मौत हो गई जिसने अपना दिल पहले ही दान कर दिया था। उसी दौरान चेन्नई में स्थित फोर्टिस अस्पताल में एक मरीज को हार्ट ट्रांसप्लांट जरूरत पड़ी।
दोनों अस्पताल के डॉक्टरों ने आपसी संपर्क के बाद पुलिस से मदद मांगी।
डीसीपी (ट्रैफिक) एस गिरिश ने कहा कि एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाए जाने के बाद एयरपोर्ट तक 42 किमी की दूरी 40 मिनट में तय की गई जहां सामान्यत: एक से डेढ़ घंटे का वक्त लग जाता है।
बीजीएस अस्पताल के वाइस प्रेसीडेंट डॉ. एन के वेंकेटरमण ने बताया कि ट्रांसप्लांट सफलता पूर्वक हो गया। मालूम हो कि मेडिकल पद्धति से मौत के बाद अगले 6 घंटे तक संरक्षित किया जा सकता है।