स्थानीय आईआईएम ने संस्थान के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी(सीएओ) इंदुशेखर वशिष्ठ को यौन प्रताड़ना के आरोप में निलंबित कर दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह मामला तब प्रकाश में आया जब आईआईएम, बंगलुरु के निदेशक पंकज चंद्रा ने एक मेल जारी कर शिक्षकों को बताया कि संस्थान की यौन संवेदना कमेटी (जीएससी) ने मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपी है।
इस रिपोर्ट के आधार पर वशिष्ठ को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। उनका उत्तर आने तक वे निलंबित रहेंगे। यह आदेश 29 नवंबर से लागू हो चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वशिष्ठ 2009 से संस्थान की एक महिला चिकित्साधिकारी को अश्लील प्रस्ताव दे रहे थे।
शुरू में उसने इन प्रस्तावों को नजरंदाज किया पर लगातार ऐसी हरकतों से तंग आकर नवंबर, 2010 में जीएससी के चेयरपर्सन से शिकायत की। एक माह बाद उसने संस्थान के निदेशक और डीन के पास भी शिकायत दर्ज कराई। लेकिन इस साल की जनवरी में इस महिला को ठीक से काम न करने के आरोप में नौकरी से हटा दिया गया।
इसके बाद महिला अधिकार संगठन “विमोचन” ने 29 नवंबर को प्रदर्शन किया और आईआईएम के निदेशक से मुलाकात कर इस मामले जल्द फैसला करने की मांग की। महिला चिकित्साधिकारी ने आरोप लगाया है कि सीएओ का निलंबन जीएससी की सिफारिशों के दबाव में लेना पड़ा है।