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मिशेल ओबामा के लिए सोने-चांदी जरी वाली सवा लाख की बनारसी साड़ी

Sun, 25 Jan 2015 09:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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साढ़े पांच गज की साड़ी में लिपटी मिशेल ओबामा को भले ही किसी ने कभी न देखा हो लेकिन बनारस के कारोबारी उनकी भारत यात्रा को अपने हित में भुनाने में पीछे नहीं हैं। उनको साड़ी पहनाने की होड़ लगी हुई है। सब यही बताने में लगे हैं कि अमेरिका की फर्स्ट लेडी उनके यहां बनी साड़ी ही पहनकर इतराएंगी।
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कोई उनको किमखाब तो कोई ब्रोकेड और कोई असली जरी की कढुवा बनारसी भेजने के दावे कर रहा है। पर कोई यह नहीं बता रहा है कि ये साड़ियां उनसे मंगाई किसने है, अमेरिकी दूतावास या भारत सरकार ने, और उनको किस पते पर भेजा गया है। कारोबारियों के इन दावों से प्रशासन तो पूरी तरह बेखबर है ही, खुद कारोबारी भी एक दूसरे के दावे को खारिज करने पर तुले हैं।

पीलीकोठी के साड़ी कारोबारी अब्दुल मतीन ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर दावा किया कि मिशेल ओबामा को भेंट देने के लिए उनके यहां से साड़ी भेजी जा रही है। सोने और चांदी की असली जरी को रेशम में पिरोकर बनाई गई इस साड़ी को तीन बुनकरों ने रात-दिन मेहनत करके चार महीने में तैयार किया है। सवा लाख रुपये की इस साड़ी का वजन पांच सौ ग्राम है।लेकिन साड़ी कहां और किसके पास भेजी गई है, इस पर वे मौन हो जाते हैं।
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'मिशेल के साड़ी पहनने से बनारसी साड़ी को नई पहचान मिलेगी'

अब्दुल मतीन के बेटे इमरान ने तो यह दावा भी किया कि मिशेल के साड़ी पहनने से बनारसी साड़ी को नई पहचान मिलेगी। अब्दुल मतीन के दावे को खारिज करते हुए वाराणसी वस्त्र उद्योग संघ के अध्यक्ष जगदीश शाह कहते हैं कि दूतावास ने साड़ी के लिए उनके संघ से संपर्क किया है। जो उपहार भेजा जाएगा उसमें बुनकर, डिजाइनर, निर्माता सबका योगदान है न कि किसी एक का।

एलआईयू के क्षेत्राधिकारी बीएन दूबे का कहना है कि राज्यपाल या मुख्यमंत्री को भी किसी चैनल से ही उपहार भेजे जा सकते हैं और वह भी सुरक्षा जांच के बाद। अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा तो और चाकचौबंद होती है। उनके यहां इस तरह उपहार भेजना संभव नहीं है। साड़ी कारोबारी हाजी मकबूल हसन का कहना है कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री किसी मेहमान को जो उपहार देते हैं, उसकी खरीद और पैकिंग वस्त्र मंत्रालय की संस्था सेंट्रल काटेज इंडस्ट्रीज आफ इंडिया करती है। संस्था की डिप्टी मैनेजर अनुभा हफ्ते भर पहले यहां आई थीं और लगभग सौ साड़ियां खरीद कर ले गई थीं लेकिन यह बात दावे से नहीं कही जा सकती है कि मिशेल ओबामा को साड़ियों का ही गिफ्ट मिलेगा।

ओबामा की पिछली विजिट में निर्यातक अशोक कपूर ने रोली बुक्स द्वारा प्रकाशित गांधीजी पर एक पुस्तक अमेरिकी दूतावास के जरिये भेंट की थी। उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति को उपहार दूतावास, पीएम या राष्ट्रपति की ओर से बेंक्वेट या किसी सार्वजनिक समारोह में दिया जा सकता है। इसके अलावा उपहार देने की कोई सूरत नहीं है। मंडलायुक्त आरएम श्रीवास्तव तो सिर्फ इतना कहते हैं कि इस बारे में कोई अधिकृत जानकारी उनके पास नहीं आई है।
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