सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भगोड़े घोषित किए जा चुके अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की मां और बहन की मुंबई में स्थित संपत्तियों को जब्त किए जाने पर रोक लगा दी। शीर्षस्थ अदालत ने इस मुद्दे पर दायर याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस भी जारी किया है।
जस्टिस टीएस ठाकुर व जस्टिस एफएमआई कलीफुल्ला की पीठ ने दाऊद की मां अमीना बी (मृत, याचिका उनकी कानूनी प्रतिनिधि) और बहन हसीना इब्राहिम पारकर की ओर से रिहायशी संपत्तियों को जब्त करने के खिलाफ दायर याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया। दोनों महिलाओं के नाम पर कुछ सात रिहायशी संपत्तियां हैं। इनमें से दो मां के नाम पर और पांच बहन के नाम पर हैं। इन संपत्तियों की कीमत कई करोड़ की है जो कथित तौर पर दाऊद ने जुटाई थीं। सर्वोच्च अदालत में इस मसले पर दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें मां और बहन की ओर से दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था।
हाईकोर्ट में भी उन्होंने मुंबई में संपत्तियों को तस्करी व विदेशी मुद्रा में घपलेबाजी के अधिनियम एसए फेमा के तहत जब्त करने के आदेश को चुनौती दी थी। याचिका में गुजारिश की गई है कि उन्हें इस संबंध में कोई नोटिस नहीं जारी किया गया और दक्षिणी मुंबई, नागपाड़ा में स्थित संपत्तियों को जब्त करने की कार्यवाही पूरी तरह से गैरकानूनी है। उन्हें इन संबंध में नए सिरे से नोटिस किया जाना चाहिए क्योंकि जब्ती का नोटिस एसए फेमा के तहत 14 जुलाई, 1998 को जारी किया गया था।