26/11 की साजिश में शामिल डेविड हेडली ने 2008 में बाला साहब ठाकरे के अत्यधिक सुरक्षित निवास ‘मातोश्री’ की भी रेकी की थी और उसका मानना था कि शिवसेना प्रमुख को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है। गौरतलब है कि हेडली ने 26/11 से पहले मुंबई हमले के दौरान निशाना बनाए गए अधिकांश जगहों की टोह ली थी।
लेखक और पत्रकार हुसैन जैदी ने अपनी जल्दी ही रिलीज होने वाली किताब ‘हेडली एंड आई’ में खुलासा किया है कि किस प्रकार लश्कर-ए-ताइबा के सदस्य ने जिम इंस्ट्रक्टर और शिवसेना कार्यकर्ता विलास की मदद से उपनगरीय क्षेत्र बांद्रा स्थित ठाकरे के निवास की रेकी की थी।
जैदी की यह पुस्तक फिल्मकार महेश भट्ट के बेटे राहुल भट्ट और हेडली की असामान्य दोस्ती को लेकर लिखी गई है। पुस्तक के अनुसार पाकिस्तानी मूल का अमेरिकी नागरिक हेडली जब मुंबई में था तो वह अक्सर दक्षिण मुंबई में एक जिम में जाता था, जहां राहुल भट्ट और विलास से उसकी मुलाकात होती थी। उसने दोनों से दोस्ती कर ली थी। जैदी ने लिखा है कि हेडली ने मातोश्री की सुरक्षा में खामियों का पता लगा लिया था।
जैदी ने कहा है कि यह किताब एक हफ्ते में रिलीज होने वाली है। इस किताब में शिकागो में एनआईए द्वारा दर्ज हेडली के बयान का भी जिक्र है। किताब में यह बताया गया है कि किस प्रकार हेडली एक बार मातोश्री गया था और खुद को बाला साहेब का प्रशंसक बताकर 15 मिनट तक फोटो खिंचे थे।
मातोश्री के दौरे के बाद हेडली ने राहुल से कहा था कि ठाकरे को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है। दुस्साहसी लोग सुरक्षा कवर को तोड़कर ठाकरे तक पहुंच सकते हैं। हेडली ने कहा था कि उसे यह बात समझ में नहीं आई कि ठाकरे की सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस को इतना गर्व क्यों है।
शिवसेना मुख्यालय भी गया था डेविड
जैदी ने कहा है कि किताब में हेडली द्वारा दादर स्थित शिवसेना मुख्यालय की टोह लेने का भी जिक्र है। हेडली वहां आव्रजन एजेंट बनकर पहुंचा था और शिवसेना के जन संपर्क अधिकारी राजाराम रेगे से भेंट की थी और उनसे मित्रता कर ली थी।
सिद्धि विनायक मंदिर की भी रेकी की थी
डेविड हेडली विलास तथा राहुल के साथ प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर भी गया था। उसने पाकिस्तान स्थित अपने आकाओं के निर्देश पर वहां से लाल मौली खरीदी थी। जैदी की पुस्तक के अनुसार मुंबई आतंकी हमले के दौरान अजमल कसाब की कलाई पर भी मौली बंधी दिखी थी।
राहुल भट्ट को दी थी दक्षिण मुंबई न जाने की सलाह
जिस दिन इसलामाबाद में होटल मैरियट को निशाना बनाया गया था, उस दिन हेडली राहुल से मुंबई में भी ऐसे हमले होने का जिक्र किया था। मुंबई आतंकी हमले के 16 दिन पहले 10 नवंबर, 2008 को हेडली ने राहुल भट्ट को सेटेलाइट फोन से काल किया था और उसे अगले कुछ दिनों तक दक्षिण मुंबई नहीं जाने की सलाह दी थी। किताब के अनुसार हमले के बाद हेडली ने राहुल को फोन कर उसके और परिवार के सदस्यों के सुरक्षित होने के बारे में भी पूछा था।