शिवसेना के 70 से अधिक नगर सेवकों ने महानगर पालिका में प्रस्ताव पेश किया है कि बाल ठाकरे की जीवनी को मराठी के प्राइमरी स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।
शिवसेना नेता और मनपा के उपनेता अनंत तरे की ओर से यह प्रस्ताव पेश किया गया है। इसमें कहा गया है कि बाला साहब मराठियों के मार्गदर्शक रहे हैं। उनकी कार्यशैली से महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन हुआ। शिवसेना के शासनकाल में गरीबों व बेरोजगारों के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं।
गरीबों को मुफ्त में घर देने की योजना की शुरुआत भी हुई। इसी तरह मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे, महानगर में उड़ान पुल के साथ बाल ठाकरे ने जो सबसे महत्वपूर्ण काम किया वह बांबे का नाम बदलकर मुंबई कराना था। इस प्रस्ताव की प्रति मेयर, मनपा आयुक्त और राज्य सरकार को भेजी गई है।
अस्थाई स्मारक हटाने से मनपा ने पल्ला झाड़ा
दिवंगत शिवसेना प्रमुख के शिवाजी पार्क स्थित अंत्येष्टि स्थल पर बने अस्थाई स्मारक को हटाने के नोटिस से महानगर पालिका प्रशासन ने पल्ला झाड़ लिया है। मनपा आयुक्त ने कहा है कि अब इस अस्थाई स्मारक को तब तक यथावत रहने दिया जाएगा जब तक राज्य सरकार इसे हटाने का निर्णय नहीं लेती।
मनपा आयुक्त सीमाराम कुंटे ने शनिवार को अपने कार्यालय में स्पष्ट तौर पर कहा कि अस्थाई स्मारक को लेकर सहायक मनपा आयुक्त ने मेयर सुरेश प्रभु और सांसद संजय राउत को नोटिस जारी की थी। इसके बाद इसे हटाने का आदेश जारी किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक यह नोटिस सरकार के दबाव में जारी हुआ था। दरअसल शुक्रवार को मुंबई के मेयर सुनील प्रभु ने मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि पहले वह मुंबई में बने सारे अवैध निर्माणों को हटाने का आदेश जारी करें। उसके बाद ही शिवसेना शिवाजी पार्क में बने अस्थाई स्मारक को हटाएगी।