बदायूं रेप मामले में पीड़िताओं के शव हासिल करने में नाकाम रही सीबीआई अब उनके कपड़ों और शरीर के अंगों से लिए गए नमूनों के डीएनए सैंपल की जांच कराएगी।
पीड़ित के शव की जांच नहीं कर पाने की स्थिति में मेडिकल बोर्ड कपड़ों और शरीर के अंगों आदि से लिए गए सैंपल से आगे की जांच करता है।
सीबीआई को यकीन है कि जांच रिपोर्ट आ जाने के बाद मामले में काफी चीजें साफ हो जाएंगी और दोषी तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
हैदराबाद से एक हफ्ते में आ सकती है रिपोर्ट
सूत्रों ने बताया कि पीड़िताओं के शरीर के अंग से लिए गए नमूने की जांच कर पुरुष और महिला की कोशिकाओं को अलग-अलग किया जा सकता है। इसके बाद पुरुष सैंपल के मिलान से आरोपी तक पहुंचा जा सकता है।
हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंट और डाइग्नोस्टिक लैब से एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट आ जाएगी। सूत्रों ने बताया कि फोरेंसिक एक्सपर्ट के तीन सदस्यीय पैनल की सिफारिश पर यह फैसला लिया गया है।
सीबीआई ने स्थानीय डॉक्टरों के जरिए पीड़िताओं के शरीर के अंगों से लिए सैंपल को भी अपने कब्जे में ले लिया है। सीबीआई और मेडिकल बोर्ड की टीम ने रेप पीड़िताओं के परिवार से मुलाकात भी की।
सीबीआई कर रही है मामले की जांच
सीबीआई को फिर से जांच के लिए दोनों बहनों की लाशें नहीं मिल सकीं क्योंकि गंगा में जलस्तर बढ़ जाने के चलते दोनों की लाशें निकालना मुश्किल है।
बता दें कि गत 28 मई को 14 और 15 साल की दो बहनों का शव गांव के पेड़ से लटका मिला था।
इसके बाद पूरे देश में काफी आक्रोश देखने को मिला था। यूपी पुलिस ने इस मामले में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में दबाव में केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया।