बदायूं में एक-एक व्यक्ति से कई चक्र की पूछताछ, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज सारी बातें, चश्मदीदों से हवाले से घटनाक्रम का ब्योरा आदि सब कुछ एक किनारे करते हुए सीबीआई ने कटरा सआदतगंज की दो बहनों की मौत को खुदकुशी करार देकर अपनी पड़ताल पर ही सवाल उठा दिए हैं। सीबीआई के इस निष्कर्ष के बाद इस मसले पर पहले से ही खुले सियासी मोर्चे एक बार फिर सक्रिय हो ही रहे हैं, दोनों लड़कियों के परिजन भी कह रहे हैं कि सीबीआई जैसी संस्था से ऐसी तो उम्मीद न थी।
सीबीआई दोबारा पोस्टमार्टम की बात तो करती रही सारे इंतजाम तब किए जब नदी में पानी चढ़ने वाला था और इस तरह दोबारा पोस्टमार्टम हुआ ही नहीं। घर वालों के शामिल होने की बात भी सीबीआई के सूत्र उठाते रहे लेकिन कहानी के अंत में कोई मुजरिम सामने नहीं आया। सीबीआई का कहना कि दोनों बहनों के साथ न तो दुष्कर्म हुआ था और न ही उनकी हत्या की गई थी। दोनों बहनों ने आत्महत्या की थी।
घटनाक्रम अब तक कुछ इस तरह सामने आया
27 मई को शाम करीब साढ़े सात बजे दोनों बहनें घर से खेतों की ओर निकली थीं। इसकी तस्दीक घर वालों ने की। आठ बजे के कुछ देर बाद पप्पू वहां पहुंचा। ये बात खुद पप्पू ने स्वीकार की। नजरू ने कुछ देर बाद वहीं उसे देखा और टोका। इसके बाद की कहानी पर अलग-अलग बयान है।
बकौल पप्पू वह लड़कियों को छोड़ कर चला गया, जबकि नजरू का कहना है कि उसकी पप्पू से हाथापाई हुई, वह तमंचे के बल पर लड़कियों को अपने साथ ले गया। उसके साथ दो और लोग भी थे। पप्पू ने यह भी स्वीकार किया था कि बड़ी लड़की से उसके संबंध थे। नौ बजकर दस मिनट पर लड़कियों के घरवाले मोहल्ले के कई लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों लड़कियों के पिताओं के मुताबिक, जब वे मौके पर पहुंचे तो लड़कियां वहां नहीं थीं। पहले गांव वालों ने लड़कियों को खोजा। लोग उस बाग में भी गए जहां बाद में लड़कियां पेड़ से लटकी मिली थी। रात करीब 11 बजे घरवाले पुलिस चौकी पहुंचे। पुलिस ने रात दो बजे ही पप्पू को हिरासत में ले लिया। रात करीब तीन बजे लड़कियों के शव बाग में पेड़ पर लटके होने की सूचना घरवालों को पुलिस ने ही दी थी। ये सवाल अनुत्तरित है कि लड़कियों ने आत्महत्या किस वक्त कर ली। अगर लड़कियों ने आत्महत्या सुबह तीन बजे के आसपास की तो वे इतनी देर कहां रहीं।
पोस्टमार्टम करने वाले पैनल के डॉक्टर आज भी अपनी रिपोर्ट पर कायम हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों किशोरियों की मौत का समय एक दिन पहले का बताया गया है। इस लिहाज से मौत का समय 27 मई रात सवा नौ बजे से रात 12 बजे के बीच का रहा होगा। पैनल ने बड़ी बेटी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ लिखा है कि उसकी कौमार्य झिल्ली पर सूजन थी और जननांग के निचले हिस्से पर जख्म था। जननांग से द्रव का रिसाव हो रहा था। छोटी बेटी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लिखा है- जननांग में अंदर और बाहर खून जमा था। कौमार्य झिल्ली पर लालिमा लिए हुए निशान थे। उस पर खरौंच भी थी। पैनल ने अपनी रिपोर्ट में छोटी बेटी के साथ बलात्कार की बात कही थी।