108 एंबुलेंस सेवा शुरू कर अपनी वाहवाही कर रही प्रदेश सरकार, इस सेवा की वास्तविकता से अभी अनभिज्ञ है।
एक सप्ताह पहले 108 एंबुलेंस का इंतजार करते-करते गंगीरी और खैर में दो प्रसूताओं ने सड़क पर बच्चों को जन्म दे दिया था।
ऐसा ही सोमवार को जवां सीएचसी पर हुआ। सीएचसी से अलीगढ़ रेफर की गई प्रसूता के लिए परिजन दो घंटे से ज्यादा 108 एंबुलेंस का इंतजार करते रहे।
इस दौरान महिला शौच के लिए गई तो वहीं उसे प्रसव हो गया। इससे गुस्साए परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सीएचसी में गांव बहरामपुर की एक प्रसूता रविवार रात करीब 11 बजे भर्ती कराई गई। सुबह करीब साढ़े नौ बजे महिला डॉक्टर ने उससे कहा कि बच्चे का वजन ज्यादा है इसलिए उसे अलीगढ़ दिखाना पड़ेगा।
परिजनों ने 108 एंबुलेंस की सूचना दे दी। करीब दो घंटे से ज्यादा परिजन इंतजार करते रहे लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। इधर सीएचसी कर्मियों ने भी सीएचसी की एंबुलेंस अलीगढ़ भेजने की जरूरत नहीं समझी।
महिला शौच के लिए गई तभी उसे प्रसव हो गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. पहल सिंह से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि मैं बीमार होने के कारण छुट्टी पर हूं। मुझे प्रकरण की जानकारी नहीं है।