कांग्रेस के रुख से उलट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह पर लगे आरोपों को एक तरह से खारिज कर दिया है।
आजाद ने उस रिपोर्ट की प्रमाणिकता पर ही संदेह जताया है, जिसमें दावा किया गया है कि पूर्व सेना प्रमुख के कार्यकाल में गठित गुप्त खुफिया यूनिट टीएसडी ने जम्मू-कश्मीर सरकार का तख्ता पलट करने की कोशिश की थी।
इतना ही नहीं, आजाद ने यहां तक कहा कि जिस अखबार ने यह खबर छापी है उसी ने पिछले साल यह खबर छापी थी कि सेना केंद्र में तख्ता पलट करने जा रही है, वह खबर भी पूरी तरह गलत निकली थी।
आजाद का यह बयान अहम माना जा रहा है क्योंकि इसी रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस जनरल सिंह पर लगातार हमला बोल रही है। आजाद ने कहा कि रिपोर्ट में किए गए दावे सिर्फ आरोप हैं। अभी तक कुछ भी साबित नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि यह सच है कि रक्षा मंत्रालय ने इस मामले में सेना मुख्यालय से रिपोर्ट मांगी थी। मंत्रालय अब इस मामले की जांच भी कर रहा है।
यह मामला रक्षा मंत्रालय और पूर्व सेना प्रमुख से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील है और ऐसे में छानबीन में बेहद सतर्क रवैया अपनाया जा रहा है।
आजाद यहां हरवान में 50 बिस्तरों वाले आयुष अस्पताल का शिलान्यास करने पहुंचे थे। बाद में उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह रिपोर्ट सही है तो यह बेहद गंभीर मसला है। सिर्फ जम्मू-कश्मीर की बात नहीं है, किसी भी राज्य के खिलाफ ऐसा होना गंभीर है। रक्षा मंत्रालय को यह देखना होगा कि इस तरह की घटना देश में कहीं भी नहीं हो।
उन्होंने कहा कि पिछले साल यह खबर छापी गई थी कि सेना ने केंद्र में तख्ता पलट करने की कोशिश की। इससे सनसनी फैल गई क्योंकि भारत के लिए यह बिल्कुल नई बात थी। लेकिन बाद में यह खबर पूरी तरह निराधार साबित हुई।