लोगों को अमूमन यह शिकायत रहती है कि सरकारी बाबू दफ्तरों से या तो ग़ैर हाज़िर रहते हैं या फिर देर से आते हैं।
लेकिन सरकारी स्तर पर एक वेबसाइट शुरू हुई है जिससे पता लगाया जा सकेगा कि कौन सा सरकारी अधिकारी या कर्मचारी कब दफ्तर आ रहा है और कब दफ्तर से जा रहा है।
नई पहल से सरकारी काम-काज को सुचारु बनाने की कोशिश की जा रही है और सरकारी कर्मचारियों को और भी अधिक जवाबदेह बनाया जा रहा है।
यह योजना 30 सितंबर से लागू की गई है और मंगलवार यानी 14 अक्टूबर को सरकारी दफ्तरों में नौ बजे से पहले आने वाले अधिकारी और कर्मचारियों का प्रतिशत 25।8 था जबकि सुबह के 9 बजे से लेकर 10 बजे के बीच दफ्तर पहुँचने वालों की तादाद 63।9 प्रतिशत थी।
यानी 90 प्रतिशत कर्मचारी और अधिकारी दस बजे से पहले अपनी सीटों पर पहुँच चुके थे। 11 बजे के बाद आने वालों का प्रतिशत सिर्फ एक ही था।
हालाँकि पहले चरण में सिर्फ दिल्ली स्थित केंद्र सरकार के कुछ विभागों, कैबिनेट सचिवालय, विदेश मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग, योजना आयोग और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को इसमें लाया गया है मगर जल्द ही पूरे भारत में केंद्र सरकार के कार्यालयों में इस योजना को लागू किया जाएगा।
अब सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को अटेंडेंसजीओवीइन ( http://attendancegovin/) नाम की वेबसाइट पर दफ्तर आते समय और जाते समय भी लॉग इन करना पड़ेगा।