दोस्तपुर थाना परिसर में शुक्रवार देर शाम एक दीवान ने मासूम दलित बच्ची को कमरे में बंद कर दुष्कर्म का प्रयास किया। बच्ची की चीखें सुनकर पहुंची उसकी मां ने शोर मचाया तो थाने के पुलिसकर्मियों ने बच्ची को सिपाही के चंगुल से छुड़ाया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मां की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी सिपाही को जेल भेज दिया। जबकि पीड़ित बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला महिला अस्पताल भेजा गया। प्रभारी पुलिस अधीक्षक ने सिपाही को निलंबित कर मामले की जांच सीओ कादीपुर को सौंपी है।
दोस्तपुर थाने के पास एक दलित महिला अपनी सात वर्षीय बच्ची के साथ रहती है। शुक्रवार देर शाम दोस्तपुर थाने में तैनात हेड कांस्टेबल चंद्र प्रकाश तिवारी (45) अपने सरकारी क्वार्टर में था। इसी दौरान थाने के पास खेल रही मासूम बालिका को चंद्र प्रकाश बुलाकर अपने क्वार्टर में ले गया और उससे दुष्कर्म का प्रयास किया। बालिका की चीखपुकार सुनकर उसकी मां थाने पहुंची और सिपाही के कमरे के पास गई।
जहां उसे बेटी की आवाज सुनाई पड़ी। महिला ने शोर मचाया तो थानाध्यक्ष केके गुप्ता सिपाहियों के साथ वहां पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने बच्ची को चंगुल से छुड़ाकर हेड कांस्टेबल चंद्र प्रकाश तिवारी को हिरासत में ले लिया। दुराचार के प्रयास के दौरान घायल हुई बच्ची को पुलिस ने मेडिकल परीक्षण के लिए जिला महिला अस्पताल भेजा।
प्रभारी पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पीएन पांडेय ने बताया कि बालिका की मां की तहरीर पर चंद्र प्रकाश तिवारी के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास और एससी/एसटी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। दीवान को निलंबित कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच क्षेत्राधिकारी कादीपुर त्रिपुरारी दिवाकर को सौंपी गई है।