पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले पर सियासत गरमाने लगी है। इस मुद्दे पर एनडीए की सहयोगी शिवसेना ने ही मोदी सरकार पर निशाना साधा है।
शिवसेना के मुखपत्र पर सामना में छपे संपादकीय में इस हमले के जरिए देश की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
सामना में छपे संपादकीय में कहा गया है कि सिर्फ 6-7 आतंकियों को देश में घुसाकर पाकिस्तान ने हमारे खिलाफ युद्ध का ऐलान किया है। पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर मुट्ठीभर आतंकवादियों ने जोरदार हमला किया है, जो 72 घंटे बाद भी खत्म नहीं हुआ है। ये इस बात का सबूत है कि देश की सीमा सुरक्षित नहीं है और देश की आंतरिक सुरक्षा भी धराशायी हो गई है।
पाकिस्तान पर उठाए सवाल
सामना में छपे संपादकीय में शिवसेना की ओर से कहा गया है कि देश पर जब इस तरह की विपत्ति आई है तो राजनीतिक टीका-टिप्पणी न करते हुए सरकारी कार्यवाही की समर्थन करो क्योंकि यह देश की सुरक्षा का मामला है, लेकिन देश की सुरक्षा का मामला होने के बाद भी सत्ताधीश गंभीर हैं क्या?
संपादकीय में लिखा है कि हजारों सैनिक, टैंक, पंजाब पुलिस पठानकोट में है फिर भी 6-7 आतंकवादियों ने फौज को चुनौती दी है। 7 जवान इस युद्ध में शहीद हुए और 50 से अधिक घायल हैं। यह हिसाब जांचने पर पता चलता है कि सिर्फ 6 सनकी आतंकियों की कीमत चुकाकर पाकिस्तान ने हिंदुस्तान की इज्जत तार-तार कर दी है। देश के रक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री वगैरह लोग सबक लें और सुधार करें।
प्रधानमंत्री मोदी के पाक दौरे पर साधा निशाना
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में आगे लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी 8 दिन पहले ही लाहौर जाकर पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मेहमाननवाजी का लाभ लेकर लौटे हैं। उस वक्त हमने चेतावनी दी थी कि उस पर विश्वास मत रखो। धोखा होगा।
संपादकीय में लिखा गया कि मोदी के लौटते ही जैश ए मोहम्मद ने हवाई बेस पर हमला कर दिया। शरीफ के साथ चाय-पान यह हमारे प्रधानमंत्री का निजी विषय है।
चाय के बदले में पठानकोट में 6 जवान शहीद हो गए। उन वीर जवानों का परिवार आक्रोश कर रहा है। ये वीर क्यों शहीद हुए? देश के सामने सवाल है। यह शहादत क्यों हुई?