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...तो इसलिए रोका गया था मोदी का हेलीकॉप्टर

Wed, 02 Apr 2014 12:22 PM IST
अजीत सिंह/अमर उजाला, नई दिल्ली
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भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर को रोकने का मुद्दा तूल पकड़ने के बाद नागर विमानन मंत्रालय और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने चुप्पी साध ली है। लेकिन दिल्ली में एयर ट्रैफिक कंट्रोल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मंगलवार सुबह नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर से उड़ान भरने की जानकारी एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) को नहीं थी।
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इसलिए एटीसी ने पहले बड़े विमानों और एयरक्राफ्ट को उड़ान भरने की क्लीयरेंस दी और मोदी के हेलीकॉप्टर को इंतजार करना पड़ा। लेकिन इसमें कोई असामान्य बात नहीं है। किसी भी हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने की मंजूरी एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से लेनी होती है। एटीसी का प्रबंधन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पास है।

मोदी ने हेलीकॉप्टर रोके जाने को केंद्र सरकार की साजिश करार दिया है। भाजपा ने मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की है। लेकिन नागर विमानन मंत्रालय, विमानन नियामक और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार किया है। दिल्ली एयरपोर्ट के प्रबंधन का जिम्मा संभालने वाली कंपनी ने इसे प्राइवेट ऑपरेटर और एटीसी के बीच का मामला कहकर पल्ला झाड़ दिया है।
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चुनाव में बढ़ा एयर ट्रैफिक

राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों में हेलीकॉप्टर के जरिए ज्यादा से ज्यादा रैलियां करने की होड़ मची है। मंगलवार को ही नरेंद्र मोदी की बरेली से लेकर रीवा, सतना और जबलपुर में कुल 5 सभाएं थी। चुनावी उड़ानों के चलते एयर ट्रैफिक काफी बढ़ गया है। अकेले दिल्ली एयरपोर्ट से रोजाना 900 विमान उड़ान भरते हैं। इसके अलावा औसतन 50-60 चार्टर प्लेन और हेलीकॉप्टर भी उड़ान भर रहे हैं। ऐसे में एटीसी बड़े विमानों का पहले उड़ान भरने की मंजूरी देता है।

उड़ान में देरी आम बात
नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर को दिल्ली में करीब 90 मिनट और बरेली में एक घंटा इंतजार करना पड़ा। इसके लिए एटीएस ने मौसम और सुरक्षा प्रक्रियाओं का वजह बताया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों का कहना है कि चुनाव के दौरान एयर ट्रैफिक ज्यादा रहता है। सुरक्षा का ध्यान भी रखना होता है, इसलिए उड़ान में थोड़ा बहुत विलंब होना सामान्य बात है।
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