...तो 21 दिसंबर को दुनिया तबाह नहीं होगी। 12.12.12 के बाद प्रलय की अगली तारीख यही दी गई है। मगर जाने-माने खगोलशास्त्री डीपी दुरई ने दावा किया है कि 21 दिसंबर को कोई प्रलय नहीं आने वाली है और अगला शुक्रवार आम दिनों की तरह ही होगा।
नासा के शिक्षक और एमपी बिरला तारामंडल के निदेशक दुरई का कहना है कि 21 दिसंबर इसलिए खास है क्योंकि यह सर्दियों का सबसे छोटा दिन होगा। मगर ऐसा कतई नहीं है कि यह दिन दुनिया के लिए आखिरी दिन होगा। उन्होंने कहा, ‘21 दिसंबर, 2012 भी एक आम दिन ही साबित होगा।
यह दिन सिर्फ इसलिए खास है क्योंकि इस दिन सूर्य आसमान में दक्षिणी बिंदु पर होगा। यह सर्दियों का सबसे छोटा दिन होगा।’ हाल ही में भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में प्रलय की कहानियां सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर फैली हुई हैं।
इस अफवाह के बारे में दुरई का मानना है कि लैटिन अमेरिका के प्राचीन माया सभ्यता को मानने वाले कुछ लोगों ने इसे प्रलय के दिन के रूप में प्रचारित किया है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं, इनमें से एक के मुताबिक धरती और अभी तक खोजे नहीं जा सके ग्रह ‘निबुरू’ के बीच टक्कर होगी और दुनिया तबाह हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इन दावों के बीच कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं है।