दिल्ली गैंगरेप पीड़ित लड़की की अस्थियां मंगलवार को उसके पैतृक जिले बलिया में गंगा में प्रवाहित कर दी गईं। सैकड़ों लोग अस्थि कलश यात्रा में शामिल हुए।
गांव की बेटी के आखिरी दर्शन से महरूम हुए उसके रिश्तेदारों और अन्य ग्रामीणों ने उसके अवशेषों की अंतिम यात्रा में शिरकत की। लड़की के परिजन और क्षेत्रीय विधायक उपेंद्र तिवारी ने स्टीमर में बैठकर गंगा के बीच धारा में अस्थियां विसर्जित कर दीं।
गौरतलब है कि पीड़िता की परिजन सोमवार को अस्थिकलश लेकर बलिया में अपने पैतृक गांव पहुंचे थे। परिजनों के गांव में पहुंचते ही वहां कोहराम मच गया।
अस्थि कलश के साथ आई पीड़िता की मां और छोटे भाइयों का बिलखना देख ढांढस बंधाने वाले भी सुबकने लगे। दादा गुमसुम तो दादी, चचेरी बहनें दहाड़े मारकर रो रही थीं। कड़े कलेजे वाले भी गम को दबा नहीं पा रहे थे।
पीड़िता परिवार की एक मात्र उम्मीद थी। उसे पढ़ाने के लिए जमीनें तक बेच दी गई थीं। फिलहाल परिवार के पास बेहद कम जमीन बची है। पीड़िता की पढ़ाई में पढ़ाई, पिता व ननिहाल पक्ष ने आर्थिक मदद की थी। छात्रा का ननिहाल, उसके पैतृक गांव के करीब गाजीपुर में पड़ता है।
पैरामेडिकल कोर्स में दाखिला लेने के दौरान पढ़ाई के खर्चो को पूरा करने के लिए पैतृक गांव का कुछ खेत भी रेहन रखना पड़ा। अब इस परिवार के पास जमीन का एक छोटा टुकड़ा छोड़कर कुछ नहीं बचा है।
सोमवार को परिजन फ्लाइट से वाराणसी पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से बलिया गए। गाजीपुर बॉर्डर पर हजारों लोगों ने अस्थि कलश पर फूल-माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
परिजनों को मिलेंगे बीस लाख
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सामुहिक दुष्कर्म की शिकार यूपी की बेटी के शोक संतृप्त परिवार को अपने विवेकाधीन कोष से बीस लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। यह जानकारी सोमवार को सरकारी प्रवक्ता ने दी। विदित हो कि दिल्ली में चलती बस में सामुहिक दुष्कर्म की शिकार युवती यूपी के बलिया जिले की थी।