हिन्दी के जाने माने कवि और लेखक अशोक वाजपेयी ने भी अपना साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटा दिया। उन्होंने यह फैसला देश में बढ़ रहे सांप्रदायिक हिंसा और लेखकों पर हो रहे हमले के विरोध में लिया।
गौरतलब है कि इससे पहले मशहूर लेखिका नयनतारा सहगल भी देश में बिगड़ते माहौल, लेखकों पर हुए जानलेवा हमले और दादरी हमले के विरोध में अपना एकादमी पुरस्कार लौटा चुकी हैं। वह देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु की भांजी हैं। इनसे पहले हिन्दी लेखक उदय प्रकाश भी ऐसा कदम उठा चुके हैं।
अशोक वाजपेयी ने कहा कि ऐसा बहुत ही कम देखने को मिलता कि कोई वरिष्ठ लेखक इस तरह के कठोर फैसले ले जैसा नयनतारा सहगल ने लिया। यह बहुत जरूरी था कि लेखक समुदाय पर हो रहे हमलों के विरोध में इस तरह के कड़े फैसले लिए जाएं।