कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दमाद राबर्ट वाड्रा और डीएलएफ डील को रद्द करने का आदेश देने वाले एक ईमानदार आईएएस अफसर अशोक खेमका के परिवार को अनजान लोगों से धमकी मिल रही है और ऐसे में उन्हें अपने परिवार की चिंता सताने लगी है। खेमका ने जब इस संबंध में जानकारी दी तो उनके चहरे पर डर के भाव को महसूस किया जा सकता था। बहुत ही सहज लहजे में अपनी बात रखने वाले खेमका ने कहा कि उनके परिवार को धमकी भरी कॉल आ रही है, 'मुझे मेरी कोई चिंता नहीं लेकिन परिवार की चिंता जरूर है।'
हरियाणा सरकार की आंख की किरकिरी बने खेमका निशाने पर है। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने तो खेमका के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कह डाली है। वहीं दूसरी ओर राज्य के मुख्य सचिव ने खेमका के तबादले को सही ठहराते हुए उन पर ही सवाल खड़े कर दिए थे। उन्होंने कहा कि खेमका का तबादला माननीय कोर्ट के आदेश पर किया गया है।
खेमका को मिलने वाली धमकी से एक बात तो साफ हो जाती है कि हरियाणा सरकार का उनके प्रति रुख ठीक नहीं है, क्योकि अगर किसी राज्य में एक आईएएस अफसर को धमकियां मिल सकती है तो राज्य के आम नागरिक की सुरक्षा का अंदाजा लगाना ज्यादा कठिन नहीं होगा। इसके साथ ही धमकियों से एक बात और साफ हो जाती है कि मामले में कुछ गड़बड़ी जरूर है क्योंकि अगर कुछ भी गलत नहीं होता को कोई धमकी क्यों देगा? इन धमकियों की जानकारी के बाद हरियाणा सरकार एक बार फिर कठघरे में आ गई है।