सियासी बवाल के डर से ही केंद्र सरकार जापान की राजधानी टोक्यो के रेनकोजी बौद्ध मंदिर में रखी नेताजी की अस्थियां लाने से कतरा रही थी। शनिवार को जारी एक गोपनीय फाइल से यह तथ्य सामने आया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय, खुफिया विभाग व विदेश मंत्रालय के बीच हुए पत्राचार से पता चलता है कि टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास ने रेनकोजी मंदिर के मुख्य पुजारी के पास रखी उन अस्थियों को भारत लाने का प्रस्ताव दिया था।
दो सौ पन्नों की इस फाइल से साफ है कि तत्कालीन केंद्र सरकार उन अस्थियों को भारत लाने की इच्छुक नहीं थी। फाइल में मौजूद पत्रों में कहा गया है कि नेताजी के परिजनों और कुछ लोगों की ओर से संभावित विरोध की आशंका के चलते ही सरकार इसे लाने से कतरा रही है। सरकार को उन लोगों व संगठनों की ओर से विरोध का डर था जो नेताजी की मौत पर भरोसा करने को तैयार नहीं थे।