बिग बॉस के घर में नियम और कानूनों से बंधे रहे कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी ने बाहर निकलकर सेव योर वॉयस अभियान छेड़ा है। उन्होंने आईटी एक्ट की धारा 66ए के खिलाफ सहयोगी आलोक दीक्षित के साथ शनिवार से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल शुरू कर दी है।
व्यवस्था के खिलाफ कार्टून बनाकर रातों रात सुर्खियों में आए कानपुर के असीम ने अमर उजाला को बताया कि बिग बॉस के घर के अंदर घुटन थी। जिस उद्देश्य को लेकर वे गए थे उसमें सफलता नहीं मिली। अंदर जिन गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई उन्हें दिखाया ही नहीं गया।
उन्हें लगता है कि चार सप्ताह का समय बेकार गया। उन्हें बिग बॉग के इशारे पर नाचना, गाना, स्टैच्यू बनना, घर में राजनीति करना आदि भी पसंद नहीं था, लेकिन गेम के नियमों में बंधे थे।
अन्ना के लोकपाल आंदोलनों में अपने कार्टूनों से जुड़े असीम ने सेव योर वॉयस अभियान छेड़कर सीधे युवाओं की नब्ज टटोली है।
उनका कहना है कि पिछले दिनों फेसबुक और तमाम ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल करने पर बेकसूर लोगों को जेल तक जाना पड़ा।
इसके लिए आईटी एक्ट की धारा 66ए जिम्मेदार है। वर्ष 2008 में सूचना तकनीकी कानून के साथ इसे जोड़ देने से सारी दिक्कत हो रही है।
असीम के इस अभियान में इंटरनेट यूजर्स और इससे जुड़े लोग शामिल हो रहे हैं। असीम इस पाबंदी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हैं।
उन्होंने कहा कि बड़े अपराध करने के बाद अपराधी छोटी सी सजा के बाद रिहा हो जाते हैं। जबकि फेसबुक पर अपनों के बीच अपनी बात कहने पर इस तरह की सजा का प्रावधान कहां तक ठीक है।
कानून हमारी अभिव्यक्ति की आजादी को बाधित करता है तो फिर हमारी संसद इसे वापस लेने को क्यों नहीं तैयार है।