गुरु-चेले के बीच रिश्ते शुरुआत में काफी मधुर रहे, लेकिन जनलोकपाल आंदोलन का सफर जब वक्त बीतते-बीतते सियासत तक आ पहुंचा, तो सारी मिठास काफूर है। इस बीच अन्ना के एक करीबी सहयोगी ने सनसनीखेज बयान दिया है।
अन्ना हजारे की कोर टीम में शामिल रहे सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने औरंगाबाद में कहा, "दिल्ली में भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल ने हमसे कहा था कि यह क्रांति शहादत मांग रही है।"
उन्होंने कहा, "इसलिए केजरीवाल अपने विरोध-प्रदर्शन को और आगे बढ़ाना चाह रहे थे और अगर अन्ना अनशन के दौरान अपनी जान दे देते, तो केजरीवाल इस आंदोलन की विरासत संभालने वाले इकलौते नेता होते।"
केजरीवाल की योजना जानते थे अन्ना
अग्निवेश ने दावा किया कि हजारे को केजरीवाल की योजना पता थी और इसलिए उन्होंने यूपीए सरकार में तत्कालीन मंत्री विलासराव देशमुख से दखल देने को कहा, ताकि आमरण अनशन खत्म हो सके। उस वक्त यह अनशन 12 रोज चला था।
उन्होंने यह भी कहा कि केजरीवाल और दूसरों पर जरूरत से ज्यादा निर्भर कर अन्ना ने अपनी छवि को नुकसान पहुंचाया।
आप ने पोस्टरों से अन्ना हटाए
केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी को चुनाव प्रचार सामग्री में अन्ना के नाम का इस्तेमाल करने से वोट बटोरने में क्या फायदा होता, यह तो नहीं पता।
लेकिन अन्ना को अपनी प्रचार सामग्री से हटाना उसके लिए बड़ा खर्च बन गया है। पार्टी का कहना है कि ऐसा करने के लिए वह 4.9 करोड़ रुपए खर्च कर रही है।
अन्ना हजारे ने केजरीवाल और आम आदमी पार्टी से चुनाव प्रचार के दौरान उनका नाम या फोटो इस्तेमाल न करने की ताकीद दी थी।
ऑटोवालों ने छोड़ा आप का साथ
आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रचार के 'ब्रह्मास्त्र' का इस्तेमाल अब उसी के खिलाफ हो रहा है। दिल्ली में ऑटो रिक्शा के पीछे आप के पोस्टर लगाकर अरविंद केजरीवाल का समर्थन करने वाला ग्रुप ही अब उनके खिलाफ हो गया है।
सोमवार शाम से ऑटो रिक्शा में आप के समर्थन वाले पोस्टर उसके विरोध में बदले दिखाई दिए। आने वाले दिनों में ऑटो के जरिए आप के खिलाफ यह 'पोस्टर वॉर' और तेज हो सकता है।
एनजीओ 'न्यायभूमि' की ओर से लगाए गए इन लाल रंग के पोस्टरों में दावा किया गया है कि आम आदमी पार्टी ऑटो रिक्शा ड्राइवरों की अनदेखी कर रही है।