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AAP के धरने में बवालः बैरिकेड टूटे, लाठियां बरसी

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दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े अरविंद केजरीवाल और उनके साथी मंत्रियों का धरना मंगलवार को जब दूसरे दिन में दाखिल हुआ, तो शाम को बड़ा बवाल हो गया।
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सवेरे बारिश होने की वजह से आम आदमी पार्टी के इस विरोध प्रदर्शन में पहुंचने वालों की तादाद काफी कम थी। लेकिन जैसे ही बारिश रुकी, बड़ी संख्या में केजरीवाल समर्थक वहां पहुंचने लगे।

देखते ही देखते भीड़ को काबू करना दिल्ली पुलिस के लिए मुश्किल बनता गया। और सोमवार से शुरू हुआ यह प्रदर्शन मंगलवार शाम होते-होते मैदान-ए-जंग में बदल गया।
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दोपहर में शुरू हुआ था बवाल

दिन में करीब पौने तीन बजे खबर आई कि प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया है और उसमें दो पुलिसकर्मी जख्मी हो गए हैं। हालांकि, यहां तक हालात काबू में बताए जा रहे थे।

लेकिन धीरे-धीरे स्थिति बिगड़ने लगी। अचानक खबर आई कि रेल भवन और रफी मार्ग की तरफ वाले बैरिकेड तोड़कर आम आदमी पार्टी के समर्थक आगे बढ़ गए हैं, जिसकी वजह से दिल्ली पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

टीवी चैनलों ने जो तस्वीरें दिखाईं, उनमें साफ दिख रहा था कि आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़े और पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बलप्रयोग किया।

पुलिस-कार्यकर्ताओं के अपने-अपने दावे

हैरानी की बात यह है ‌कि आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता यह मानने को तैयार नहीं कि उन्होंने बैरिकेड तोड़े। उनकी दलील है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, जब‌ पुलिस बर्बरता पर उतर आई।

दूसरी तरफ पुलिस यह मानने को तैयार नहीं कि उसने लाठीचार्ज किया है। नई दिल्ली के डीसीपी एसबीएस त्यागी का कहना है कि पुलिस की तरफ से कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ है।

इस बीच यह खबर भी है कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक महिला बदसलूकी से बदतमीजी की और कैमरे तोड़ने की कोशिश भी हुई। हालांकि, इन तमाम दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी। घटना में 13 से 15 लोगों के जख्मी होने की खबर है।

केजरीवाल रवाना, संजय ने किया बचाव

घटना के बाद आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल घटनास्‍थल से रवाना होकर जख्मी लोगों को देखने के लिए चले गए। और पार्टी के दूसरे नेता पुलिस पर इल्जाम लगाते रहे।

आशुतोष और संजय सिंह का कहना था कि पार्टी समर्थक बड़े आराम से अपना मुद्दा उठा रहे थे, लेकिन पुलिस ने किसकी इजाजत से लाठीचार्ज किया, इसका जवाब देना ही होगा।

केजरीवाल की पुरानी सहयोगी और अब उनकी आलोचना में जुटी किरण बेदी ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस का केजरीवाल पर हमला

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनवाने वाली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि जो व्यक्ति इतने गरिमामय पद पर बैठा है, वह बार-बार ऐसा कैसे कर सकते हैं।

लवली ने कहा, "झूठ बोलने की कोई सीमा होनी चाहिए। केजरीवाल पहले कह रहे थे कि तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित या ट्रांसफर करने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। अब कह रहे हैं क‌ि महिला सुरक्षा और रेहड़ी वालों के लिए धरना दे रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "यह धरने पर इसलिए बैठे क्योंकि उन्हें पता है कि उनके मंत्री ने तालिबान बनने की कसम खाई है और उनका बचाव करने के लिए यह सब नाट‌क किया जा रहा है।"

भाजपा ने भी सुनाई खरी-खोटी

भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का कहना है कि कानून-व्यवस्‍था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन लोगों पर हैं, वहीं लोग धरने पर बैठे हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार चला कौन रहा है।

जेटली ने कहा कि कांग्रेस चुनावों का सामना करने से डर रही है और वह मोदी रथ रोकना चाहती है, इसलिए आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर यह सब किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी कुछ भी क्यों न कर ले, लेकिन देश अपना फैसला कर चुका है और जल्द ही उसका नतीजा भी सभी के सामने आ जाएगा।

सिसोदिया की सफाई

इस बीच द‌िल्ली पुल‌िस कम‌िश्नर बीएस बस्सी ने कहा क‌ि स्थ‌ित‌ि पर हम नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा, "हालात सभी के सामने हैं जो मुनास‌िब कार्रवाई होगी की जाएगी।"

लाठीचार्ज से पहले सिसोदिया ने कहा क‌ि यह लड़ाई बलात्कारियों से है, उन लोगों के खिलाफ है जिनकी वजह से हमारी मां-बहन सुरक्षित नहीं हैं। केजरीवालजी की तबीयत बिलकुल ठीक है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली का चुना गया मुख्यमंत्री कहे कि दिल्ली पुलिस के एक एसएचओ को सस्पेंड करो और जनता भी यही कहे, तो क्या होना चाहिए? यह इसी बात की लड़ाई है। अब तक की राजनीति ने इन अपराधियों को पनाह दी है। लेकिन अब राजनीति बदल रही है।

जेडी यू ने भी लिया आड़े हाथ

जनता दल युनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा क‌ि केजरीवाल जो कर रहे हैं वो सही नहीं है। उन्हें अपनी ज‌िम्मेदारी पूरी करनी चाह‌िए। जनता ने उन्हें इसल‌िए नहीं चुना है।

मेट्रो स्टेशन बंद रखने को लेकर आम आदमी पार्टी की काफी आलोचना हो रही थी, जिसके बाद द‌िल्ली के पर‌िवहन मंत्री सौरभ भारद्वाज ने डीएमआरसी से गुजार‌िश की है क‌ि वे धरने के मद्देनजर बंद गए चारों मेट्रो स्टेशनों को खोल दे।

ऐसी खबरें भी आई कि मुख्यमंत्री अरव‌िंद केजरीवाल को धरने के ल‌िए 24 जनवरी तक का वक्‍त मिल सकता है। द‌िल्ली पुल‌‌िस के हवाले से म‌िली खबर के मुताब‌िक केजरीवाल और उनके समर्थकों पुल‌िस जबरदस्ती नहीं उठाएगी।

बीती रात हुआ क्या?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कल पूरी रात सडक पर सोकर बिताई। उन्होंने फिर दोहराया कि उनकी मांग नहीं नहीं मानी गई तो धरना स्थल पर लाखों लोग जुटेंगे।

केजरीवाल ने आज सुबह कहा कि वह अधिकार की लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं बल्कि वह लोगों को पुलिस के अत्याचार से बचाना चाहते है।

उन्होंने कहा कि अगर तीन अधिकारियों का निलंबन या स्थानांतरण नहीं किया जा सकता तो अपराध कैसे रुकेंगे। केजरीवाल ने कहा कि जनता के धैर्य की परीक्षा न ली जाए। वे गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को भी चेन से नहीं सोने देंगे।
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खुले आसमान के नीचे बिताई रात

केजरीवाल के अलावा उनके मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगियों ने भी धरना स्थल पर खुले आसमान के नीचे रात बिताई। उनके समर्थक भी रातभर वहीं डटे रहे। रेल भवन के आसपास सुरक्षा की के कडे प्रबंध किए गए हैं। भारी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।

पुलिस ने केजरीवाल के समर्थकों को घटनास्थल पर पहुंचने से रोकना शुरू कर दिया है। घरनास्थल के आसपास के मेट्रों स्टेशनों को बंद कर दिया गया है। केजरीवाल कल से धरने पर हैं।

शिंदे ने कल रात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को धरने से उत्पन्न स्थिति के बारे में अवगत कराया था। वहीं डीएमआरसी ने नॉर्थ ब्लॉक के चार मेट्रो स्टेशनों को आज भी बंद रखने की घोषणा की है।
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