दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल धरने के पहले दिन तल्ख दिखे।
दिल्ली पुलिस के साथ केजरीवाल ने गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे पर भी सीधे हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूरी दिल्ली से पैसा जमा करके पुलिस कर्मी पुलिस आयुक्त और गृहमंत्री शिंदे को पहुंचाते हैं।
1. पुलिस की मिलीभगत के बिना नहीं चल सकता सेक्स व ड्रग्स रैकेट।
2. दिल्ली पुलिस लोगों से पैसा वसूलकर पुलिस आयुक्त और गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे तक पहुंचाती है।
3. गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को दिल्ली की जनता ने नहीं चुना, यहां की जनता हमसे जवाब मांगती है।
4. ईमानदार पुलिस अधिकारी छुट्टी लेकर या वर्दी उतारकर हमारे साथ आ जाएं। अगर पुलिस आयुक्त तंग करता है तो उसे मैं देख लूंगा।
5. एक मुख्यमंत्री के कहने पर एसएचओ, एसीपी निलंबित या ट्रांसफर नहीं कर सकते तो जनता ने क्यों चुनकर भेजा है। पुलिस आयुक्त को ही मुख्यमंत्री बना लेते ?
6. ये कैसा गणतंत्र है। सिर्फ झांकियां निकालने से गणतंत्र नहीं बनता। लोगों के घर में अव्यवस्था है। यहां धरने पर बैठकर मनाएंगे गणतंत्र।
7. 26 जनवरी की तैयारियां चल रही हैं। अगर हमारे धरने व विरोध से कोई संवैधानिक संकट पैदा होता है तो इसकी जिम्मेदार केन्द्र सरकार होगी।
8. राजनीतिक दल मुझे अराजकतावादी कह रहे हैं। मैं मानता हूं कि मैं अराजकतावादी हूं। देशभर के प्रत्येक नागरिक के घर में अराजकता फैली है। ऐसे में यहां बैठकर हम शिंदे के घर में अराजकता फैलाने आए हैं।
9. हम उपराज्यपाल की इज्जत करते हैं। लेकिन जो जांच समिति बनाई है, उसका रिजल्ट हमें पता है। इसलिए दिल्ली सरकार के मंत्री या अधिकारी जांच का सहयोग नहीं करेंगे।
10. भाजपा और कांग्रेस वाले कहते हैं कि विजिलांटिज्म कर रहे हैं मंत्री। तो क्या अगर जनता गुहार लगाए और पुलिस कार्रवाई न करें तब मंत्री रजाई तानकर सो जाएं।