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डेढ़ दिन का धरना, बस दो की हुई छुट्टी!

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दो दिन के हाई-प्रोफाइल ड्रामे के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ धरना वापस लेने की घोषणा कर दी है।
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अरविंद केजरीवाल ने धरना समाप्त करने की घोषणा करते हुए कहा कि उपराज्यपाल नजीब जंग ने उनकी मांगों को आंशिक रूप से मान लिया है। यह दिल्लीवासियों की बहुत बड़ी जीत है।

दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर केजरीवाल सोमवार से दिल्ली के रेल भवन पर धरना दे रहे थे।

मंगलवार को धरने के दौरान आम आदमी पार्टी के समर्थकों पर दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था।

केजरीवाल बोले, हमारी तीनों मांगें मानी

अरविंद केजरीवाल ने मीडिया को बताया कि हमारी तीन मांगें थीं। पहली मांग डेनिश महिला के गैंगरेप के मामले को लेकर थी, जिसमें पुलिस वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

दूसरी मांग यह थी कि सागरपुर में जिस लड़की को ‌जलाया गया था, उसके आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। पहले पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने में लेटलतीफी कर रही थी, लेकिन अब आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

हमारी तीसरी मांग दिल्ली के मालवीय नगर में सैक्स रैकेट में पुलिस की लापरवाही को लेकर थी। हमारी मांगें मानते हुए इन मामलों की जांच होने तक मालवीय नगर के एसएचओ और पहाड़गंज के पीसीआर इंचार्ज को छुट्टी पर भेज दिया गया है।

केजरीवाल ने कहा कि उपराज्यपाल ने गणतंत्र दिवस दिवस की पवित्रता को लेकर धरना वापस लेने की अपील की थी, उनकी अपील का हमने सम्मान किया है।

प्रदर्शनकारियों पर बरसी लाठियां

मंगलवार को केजरीवाल के धरने के दूसरे दिन 'आप' समर्थकों ने दिल्ली पुलिस पर पथराव किया, जिसमें दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर आई। हालांकि आप के नेताओं ने पथराव की बात से इनकार किया।

सवेरे बारिश होने की वजह से आम आदमी पार्टी के इस विरोध प्रदर्शन में पहुंचने वालों की तादाद काफी कम थी। लेकिन जैसे ही बारिश रुकी, बड़ी संख्या में केजरीवाल समर्थक वहां पहुंचने लगे थे।

'आप' समर्थक बैरिकेटिंग तोड़कर रेल भवन पर अरविंद केजरीवाल के पास जाना चाहते थे। समर्थकों की बढ़ती भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज में करीब 15-20 आप समर्थक घायल हुए।

'झुकने-झुकाने के लिए नहीं किया धरना'

रेल भवन के सामने धरना खत्म होने के बाद 'आप' के कार्यकर्ता बेहद खुश दिखे। आप के नेता संजय सिंह ने कहा कि यह धरना झुकने-झुकाने का नहीं था।

उन्होंने कहा कि हमारी बस तीन मांगें थी, जिन्हें मान लिया गया है। हमने यह कदम आम लोगों की भलाई और सुरक्षा को लेकर उठाया था जो सफल रहा।

वहीं, दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी मुकेश मीणा ने कहा कि पुलिस ने धरने का दौरान बेहद धैर्य का परिचय दिया। धरने के दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़े थे। इसके बाद ही पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।

सरकार भी चलाएंगे, आंदोलन भी करेंगे

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता योगेंद्र यादव ने कहा कि ये दिल्ली की जनता की एक बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि आज ये जीत छोटी लग सकती है लेकिन आने वाले समय में एहसास होगा कि यह बहुत बड़ी जीत है।

योगेंद्र यादव ने कहा कि आगे भी जब-जब‌ जरूरत होगी, तब-तब सरकार दिल्ली की जनता के लिए सड़क पर उतरेगी। उन्होंने कहा कि हम सरकार भी चलाएंगे और आंदोलन भी करेंगे।
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दिल्‍ली पुलिस पर लगाम लगाने के लिए था धरना

आप के नेता आशुतोष ने कहा कि दिल्ली पुलिस के बेलगाम रवैये पर लगाम लगाने के लिए यह धरना दिया गया था। दिल्ली पुलिस को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए यह धरना दिया गया था। इस जीत के साथ पार्टी और दिल्ली की जनता का मकसद पूरा हो गया है।

उन्होंने कहा कि हमारी मांग थी कि मामले की निष्पक्ष और स्वच्छ तरीके से जांच की जाए। लेकिन यह तब तक संभव नहीं था, जब तक ये पुलिस अधिकारी अपने पद पर बने रहते। हमारी मांगें मानते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया है।
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