भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने दावा किया कि कांग्रेस के पास उनकी पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के मुकाबले कोई नेता नहीं है।
इसलिए वह निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा को उनके खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए इस्तेमाल कर रही है। जेटली ने फेसबुक पर लिखा है कि कांग्रेस यह फैसला नहीं कर पा रही है कि मोदी का मुकाबला कैसे किया जाए। गुजरात में वह उनके सामने फेल हो गई।
यह पार्टी या तो मोदी के खिलाफ बहुत आक्रामक हो जाती है या यह दिखाती है कि इसके लिए उनका कोई अस्तित्व ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि 2012 के गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस मोदी के बराबर का कोई नेता नहीं खड़ा कर पाई। यह स्थिति केंद्र में भी बनी हुई है। राहुल कहीं उनकी बराबरी में नहीं हैं और नेता के मामले में कांग्रेस बैकफुट पर है।
जेटली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस किसी असंतुष्ट पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी को पकड़ने और उससे बेतुके आरोप लगाने के अपने पुराने खेल पर उतर आई है।
उन्होंने कहा कि उसके इस खेल ने तब भी काम नहीं किया, जब संजीव भट्ट ने ऐसा किया और अब उसकी नई खोज निलंबित प्रशासनिक अधिकारी हैं।
गुजरात के निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य में एक युवती की जासूसी मोदी के इशारे पर की गई थी और उन्हें इस कारण परेशान किया गया है क्योंकि वह उस लड़की के बारे में जानते थे।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले की सीबीआई से जांच कराने का अनुरोध किया है। कांग्रेस भी जासूसी मामले की न्यायिक जांच की मांग कर रही है।