केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि देश में मानसून कम रहने की खबर को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जा रहा है। इससे डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि इससे खाद्यान्न उत्पादन ज्यादा प्रभावित नहीं होगा। जेटली ने यहां बृहस्पतिवार को कुछ संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कम बारिश होने की खबरों से डरने की जरूरत नहीं है।
लगता है कि (रिजर्व बैंक की तरफ इशारा करते हुए) इसे गलत तरीके से पेश किया है। उन्होंने बारिश का विश्लेषण करते हुए बताया कि भौगोलिक रूप से देश के अलग अलग हिस्से में एक समान बारिश नहीं होती है। वैसे इलाके जहां ज्यादा वर्षा होती है, वहां यदि थोड़ी कम बारिश हो गई तो क्या वहां सूखा आ जाएगा।
इसलिए मानसून खराब रहने या सूखा पड़ने की खबर को ज्यादा तवज्जो नहीं देनी चाहिए। प्रत्यक्ष रूप से रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन के बयानों की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि मानसून ठीक नहीं रहने के आधार पर महंगाई की दरें बढ़ने का निष्कर्ष निकालना हास्यास्पद है।