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जेटली बोले, 'कमजोर मानसून से नहीं बढ़ेगी महंगाई'

Thu, 04 Jun 2015 11:42 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि देश में मानसून कम रहने की खबर को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जा रहा है। इससे डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि इससे खाद्यान्न उत्पादन ज्यादा प्रभावित नहीं होगा। जेटली ने यहां बृहस्पतिवार को कुछ संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कम बारिश होने की खबरों से डरने की जरूरत नहीं है।
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लगता है कि (रिजर्व बैंक की तरफ इशारा करते हुए) इसे गलत तरीके से पेश किया है। उन्होंने बारिश का विश्लेषण करते हुए बताया कि भौगोलिक रूप से देश के अलग अलग हिस्से में एक समान बारिश नहीं होती है। वैसे इलाके जहां ज्यादा वर्षा होती है, वहां यदि थोड़ी कम बारिश हो गई तो क्या वहां सूखा आ जाएगा।

इसलिए मानसून खराब रहने या सूखा पड़ने की खबर को ज्यादा तवज्जो नहीं देनी चाहिए। प्रत्यक्ष रूप से रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन के बयानों की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि मानसून ठीक नहीं रहने के आधार पर महंगाई की दरें बढ़ने का निष्कर्ष निकालना हास्यास्पद है।
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कम बारिश से निपटने की योजना का ऐलान जल्द

गौरतलब है कि इसी सप्ताह पहले केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्द्धन ने कहा था इस साल करीब 88 फीसदी ही बारिश होगी जो कि औसत से कम ही नहीं बल्कि एक तरह से सूखे की स्थिति है। इसी के एक दिन बाद रघुराम राजन ने अनुमान लगाया था कि मानसून खराब रहने की वजह से महंगाई की दरें बढ़ सकती हैं।

वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सरकार शीघ्र ही आकस्मिक योजना की घोषणा कर सकती है, जिसमें कम बारिश से निपटने के लिए उपायों की घोषणा की जाएगी। उन्होंने बताया कि सूखा प्रभावित इलाकों में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कोष का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसके अलावा कृषि मंत्रालय के साथ मिल कर 500 करोड़ रुपये के एक और आकस्मिक कोष पर भी काम चल रहा है। इससे वहीं सहायता दी जाएगी, जहां कम बारिश होगी। इसके लिए वित्त मंत्रालय, गृह मंत्रालय और कृषि मंत्रालय के बीच बेहतर तरीके से तालमेल बिठाया जाएगा।
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