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केजरीवाल के आरोपों का जेटली ने दिया जवाब

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वित्तमंत्री अरुण जेटली पर आप नेताओं द्वारा लगाए गए डीडीसीए में घोटाले के गंभीर आरोपों के बीच जेटली ने भी पलटवार किया है। ब्लाग लिखकर अपनी बात रखते हुए जेटली ने केजरीवाल के रवैये और उनकी जुबान पर सवाल खड़ा कर दिया है।
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वित्तमंत्री ने केजरीवाल के रवैये को संघीय ढांचे के लिए खतरा उत्पन्न करने वाला बता दिया है। जेटली ने ब्लॉग में आप नेताओं के सभी आरोपों का सिलसिलेवार जवाब दिया है। जेटली ने कहा कुछ दिन पहले दिल्ली सरकार का एक अधिकारी सीबीआई द्वारा रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था जिसका आप नेताओं ने स्वागत किया था।

लेकिन कुछ दिन बाद ही जब सीबीआई ने सीएम के प्रधान सचिव के यहां ऐसे ही आरोपों के तहत छापा मारा तो इनका रवैया बदल गया।

संघीय ढांचे से छेड़छाड़ कर रहे केजरीवाल

केजरीवाल ने इसे मुद्दा बनाते हुए दो मामले उठाए, पहला संघीय ढांचे से छेड़छाड़ का, जिसके तहत मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रधानमंत्री तक के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। दूसरा, उन्होंने अपने सचिव के यहां पड़े छापे को डीडीसीए की जांच से जोड़ने का प्रयास किया।
 
संघीय ढांचे से छेड़छाड़ के आरोपों पर जेटली ने जवाब देते हुए कहा कि संघवाद एकल राह नहीं है, जिसमें हर बार केन्द्र सरकार पर ही आरोप लगाए जाते रहें। यह जिम्मेदारी राज्य सरकारों की भी है।

जेटली ने सवाल किया कि जिस दिल्‍ली सरकार के पास न अपनी पुलिस और न अपनी जांच एजेंसी उसने पूर्व में दो केन्द्रीय मंत्रियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। ऐसे में अगर राज्य सरकार केन्द्र के मंत्रियों पर कार्रवाई करने का प्रयास करती है तो संघवाद के लिए इससे बड़ा खतरा कुछ नहीं हो सकता।

डीडीसीए में मेरे खिलाफ नहीं मिले थे कोई सबूत

जेटली ने इस मुद्दे पर केजरीवाल का समर्थन करने वाले दो मुख्यमंत्रियों ममता बनर्जी और नीतीश कुमार पर भी सवाल खड़ा किया। जेटली ने कहा की जब केजरीवाल प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर रहे हों तब उन्हें दोनों मुख्यमंत्रियों द्वारा दिया जाने वाला समर्थन घोर आत्तिजनक है।

वहीं डीडीसीए में घपले के आरोपों पर भी जेटली ने जवाब देते हुए कहा मैं फिलहाल इसका अध्यक्ष नहीं हूं, साल 2013 में इसके सभी पदों से इस्तीफा दे चुका हूं। डीडीसीए में कुछ अनियमितताओं की शिकायत थी जिसकी जांच यूपीए सरकार के कार्यकाल में सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टीगेशन एजेंसी ने की थी जिसमें मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला और जांच बंद करनी पड़ी।

जेटली ने सफाई दी कि मेरे अध्यक्ष रहते 114 करोड़ की लागत से 42 हजार क्षमता वाला स्टेडियम तैयार किया गया था। जबकि इसी दौरान यूपीए सरकार ने दो स्टेडियम की मरम्मत करवाई थी।
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ईरानी ने कहा भाजपा मजबूती से जेटली के साथ

जिसमें जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम की मरम्मत के लिए 900 करोड़ और ध्यान चंद स्टेडियम की मरम्मत के लिए 600 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।

वहीं आप नेताओं के आरोपों के बाद भाजपा पूरी मजबूती के साथ जेटली के साथ खड़ी दिख रही है। केन्द्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जेटली के खिलाफ आप नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह मनगढंत हैं।

यूपीए सरकार के दौरान भी डीडीसीए मामले में एसएफआईओ की ओर से जांच की गई थी जिसमें जेटली के खिलाफ कोई आरोप नहीं मिले। ईरानी ने दोहराया कि भाजपा पूरी दृढता के साथ खड़ी है।
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