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Pak Arrest Indian Fishermen: SC का हस्तक्षेप से इनकार, कहा- राजनीतिक मामले राजनीतिक तरीके से सुलझाए जाएंगे

Fri, 25 Aug 2023 04:52 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह ऐसे मछुआरों को रिहा करने के लिए पाकिस्तान को निर्देश जारी नहीं कर सकता है और इस मामले का निर्धारण संविधान के अनुच्छेद-32 के तहत दायर याचिका में नहीं किया जा सकता है।
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सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें पाकिस्तान के जलक्षेत्र में भटकने के बाद गिरफ्तार किए गए भारतीय मछुआरों का मुद्दा उठाया गया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि राजनीतिक मामलों को राजनीतिक रूप से सुलझाया जाएगा।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह ऐसे मछुआरों को रिहा करने के लिए पाकिस्तान को निर्देश जारी नहीं कर सकता है और इस मामले का निर्धारण संविधान के अनुच्छेद-32 के तहत दायर याचिका में नहीं किया जा सकता है। संविधान का अनुच्छेद-32 भारतीय नागरिकों को उचित कार्यवाही के माध्यम से अपने मौलिक अधिकारों को लागू करने के लिए सीधे शीर्ष अदालत में जाने का अधिकार देता है।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील से पूछा, क्या इसे अनुच्छेद-32 याचिका में निर्धारित किया जा सकता है? पाकिस्तान और भारत अपनी मछुआरों की समस्या को कैसे सुलझाएंगे, अनुच्छेद-32 याचिका में हम निर्देश जारी करेंगे? क्या हम उन्हें रिहा करने के लिए पाकिस्तान को निर्देश जारी कर सकते हैं?
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पीठ तीन याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दो गुजरात से और एक महाराष्ट्र से था। याचिकाकर्ताओं के वकील ने भारत और पाकिस्तान के न्यायाधीशों वाली एक न्यायिक समिति को पुनर्जीवित करने की मांग की, जिसका गठन 2008 में कैदियों के मुद्दे को पारस्परिक रूप से हल करने के लिए किया गया था। इनमें वे मछुआरे भी शामिल हैं जिन्हें एक-दूसरे के समुद्री क्षेत्र में भटकने के कारण गिरफ्तार कर लिया गया।

पीठ ने पूछा, आज परिदृश्य क्या है? आज देश के साथ कैसे संबंध हैं? साथ ही पीठ ने कहा, ये सरकारी मुद्दे हैं। पीठ ने कहा, राजनीतिक मामलों को राजनीतिक रूप से सुलझाया जाएगा और याचिकाकर्ताओं से सरकार से संपर्क करने को कहा। आदेश में कहा गया, हम इसमें शामिल नहीं होने जा रहे हैं।

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