सेना के अफसरों और जवानों के बीच टकराव का एक और मामला सामने आया है। यह घटना पंजाब के पटियाला में पिछले सप्ताह हुई, जब 10 जवानों ने अपने अधिकारियों के आदेश पर कम महत्व के काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद 56 आरमर्ड रेजीमेंट के ये जवान अपनी रेजीमेंट के अहमदनगर (महाराष्ट्र) स्थित केंद्र में लौट गए।
सूत्रों के मुताबिक इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सेना कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है। मामले की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए गए हैं। कड़ी कार्रवाई के डर से अब सभी दस जवान अपने आचरण के लिए माफी मांग रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि जवानों से कोई ऐसा वैसा काम करने के लिए नहीं कहा गया था, बल्कि इन जवानों को राइफल और हथियार साफ करने के आदेश दिए गए थे, जिसे मानने से उन्होंने इनकार कर दिया। ये जवान क्लर्क हैं। जब कमांडिंग अफसर ने उन्हें दंड के तौर पर बैटलफील्ड फिजिकल एफीशियेंसी टेस्ट के आदेश दिए तो विरोध करते हुए वे अपने रेजीमेंट सेंटर चले गए।
मालूम हो कि सेना में जवानों और अधिकारियों के बीच टकराव की हाल में यह चौथी घटना है। इससे पहले तीन घटनाएं टैंक रेंजीमेंट में सामने आ चुकी हैं। पिछली घटना जम्मू कश्मीर के सांबा में हुई थी, जब एक जवान के आत्महत्या करने के बाद 16 कैवलरी यूनिट के जवान और अफसर आमने सामने आ गए थे।
इससे पहले न्योमा में जवानों और अफसरों के बीच छिड़े संघर्ष में की कई जवान और रेजीमेंट के कमांडिंग अफसर समेत कई अधिकारी भी घायल हो गए थे। एक अन्य घटना पंजाब के गुरदासपुर में 45 कैवलरी यूनिट में हुई थी, जब ट्रेनिंग सत्र के बाद जवान और अधिकारी आपस में भिड़ गए थे। इन सभी घटनाओं में कोर्ट ऑफ इंक्वायरी चल रही है।