कांगड़ा जिले के पंचरुखी (अंद्रेटा) का रहने वाला सेना का जवान सुनीत फेसबुक फ्रेंडशिप के चक्कर में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के जाल में फंस गया। सेना और उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम ने घर छुट्टी आए सुनीत को शुक्रवार शाम गिरफ्तार किया था। उधर, परिवार का कहना है कि सुनीत को षड्यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है।
सुनीत को पुलिस शनिवार को मेरठ ले गई। वह सेना की सप्लाई कोर में बवीना (झांसी) में सेवाएं दे रहा था। इस युवक पर आईएसआई को भारतीय सेना की खुफिया सूचनाएं देने का संदेह है। पाकिस्तान एजेंट के साथ इस फौजी युवक की दोस्ती एक महिला के जरिये हुई है।
महिला फ्लोरीडा (अमेरिका) की रहने वाली बताई जा रही है। इसके साथ युवक की मित्रता फेसबुक के जरिये हुई थी। सुनीत कुमार 2010 में सेना में भर्ती हुआ था। काफी दिनों से सुनीत और महिला फेसबुक पर मैसेज का आदान-प्रदान कर रहे थे। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक युवक ने महिला मित्र से लैपटॉप मंगवाया। युवक को यह लैपटॉप जिस व्यक्ति के जरिये मिला, वह व्यक्ति आईएसआई का एजेंट आसिफ अली है। इसे पुलिस ने 17 अगस्त को गिरफ्तार किया है।
क्या-क्या जानकारी पहुंची पाकिस्तान?
गिरफ्तार आसिफ अली से जब पूछताछ की तो उसमें सुनीत कुमार का नाम सामने आया। गिरफ्तार फौजी सुनीत कुमार का आईएसआई एजेंट होने का पूरा पता पूछताछ के बाद ही चलेगा? क्या उसने भारतीय सेना की सूचनाएं आईएसआई या महिला मित्र को दी हैं? ये अभी स्पष्ट नहीं है।
एएसपी डा. शिव कुमार ने बताया कि पंचरुखी के फौजी की गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस थाने में उत्तर प्रदेश पुलिस ने संदेश दिया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस फौजी युवक को उत्तर प्रदेश ले गई है। उत्तर प्रदेश में पुलिस ने फौजी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
एसटीएफ एएसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि 16 अगस्त को जब आईएसआई एजेंट आसिफ अली निवासी पूर्वा फैय्याज अली को गिरफ्तार किया था तभी आरोपी सुनीत कुमार पुत्र सूबेदार देशराज सिंह (रिटायर्ड) का नाम सामने आया। आसिफ ने बताया था कि उसने एक लैपटॉप सुनीत को जून में दिया है।
जानकारी जुटाने के बाद शुक्रवार को मिलिट्री इंटेलीजेंस की सहायता से सिपाही सुनीत कुमार को उसके गांव अंदरेटा से गिरफ्तार किया गया। हिमाचल की पालमपुर एसीजेएम कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड बनवाने के बाद सुमित को गिरफ्तार करके शनिवार को मेरठ लाया गया। उसके खिलाफ कोतवाली थाने में ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट 3/4/9 के तहत केस दर्ज किया गया है।
एजेंट ने लैपटॉप फॉर्मेट करने को कहा था
पूछताछ में सुनीत ने बताया कि एक विदेशी महिला से फेसबुक पर दोस्ती हुई। विदेशी नंबरों से ही महिला उससे बातचीत करती थी और सेना की जानकारियां मांगती थी। महिला ने आसिफ को अपना रिश्तेदार बताकर उसके पास लैपटॉप भिजवाया। इसके बाद सेना की सूचनाएं लैपटॉप में फीड करने को कहा गया था।
आसिफ अली की गिरफ्तारी के बाद भी आईएसआई की गतिविधियां शांत नहीं हुई। विदेशी महिला ने एक दिन बाद ही फौजी सुनीत को कॉल करके कहा कि जो लैपटॉप तुम्हारे पास है उसे फार्मेट कर देना। हालांकि सुनीत लैपटॉप को फार्मेट करने में कामयाब नहीं हो सका।
आरोपी फौजी सुनीत को एसटीएफ ने शनिवार अपराह्न तीन बजे पुलिस लाइन में मीडिया के सामने पेश किया। कैमरे चलने पर सुनीत अपना चेहरा छिपाने लगा और फिर रोना शुरू कर दिया। मीडिया कर्मियों के पूछने पर भी वह कुछ नहीं बोला।